बारिश और जलभराव हर साल की कहानी बन चुकी है। इस बार भी भारी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक जाम लग गया। इसी अफरातफरी के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें एक शख्स कैब की छत पर बैठकर लैपटॉप पर ऑफिस का काम कर रहा है। वायरल वीडियो को एक्स पर “जब जलभराव भी कॉर्पोरेट लॉगिन को नहीं रोक सकता” कैप्शन के साथ शेयर किया गया है।
एक्स पर देखें वीडियो
वीडियो को एक्स पर @sagarcasm नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में साफ दिखता है कि सड़क पर टखनों तक गंदा पानी भरा हुआ है। आसपास गाड़ियों की लंबी कतारें हैं और ट्रैफिक लगभग थम सा गया है। ऐसे में वह व्यक्ति कैब की छत पर आराम से बैठा है। उसके सामने लैपटॉप खुला है और वह काम में व्यस्त नजर आ रहा है। पास में पानी की बोतल भी रखी हुई है। कैप्शन के अनुसार, शख्स ऑफिस जा रहा था तभी जलभराव के कारण उसकी कैब खराब हो गई या फंस गई। वीडियो में फंसी बाइक के नंबर को देख वीडियो गुरुग्राम की पता चलता है, हालांकि इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो को मिले हजारों लाइक्स और रीपोस्ट
वीडियो में शख्स इतना फोकस्ड दिख रहा है कि आसपास का हंगामा उसे प्रभावित नहीं कर रहा। यह दृश्य कॉरपोरेट दुनिया के प्रेशर को भी दर्शाता है, जहां काम रुकना नहीं चाहिए। लोग इसे हंसी-मजाक में ले रहे हैं, लेकिन कई ने लिखा कि यह शहर की बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी उजागर करता है। इस वीडियो को हजारों लाइक्स और सैकड़ों रीपोस्ट्स मिले। यह वायरल वीडियो मेट्रो सिटीज की बारिश वाली जिंदगी का प्रतीक बन गया है। जहां एक तरफ लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, वहीं कुछ लोग स्थिति से निपटने का अनोखा तरीका निकाल लेते हैं। कैब की छत पर बैठकर काम करना अब इंटरनेट पर मीम बन चुका है। यूजर्स अभी भी नए-नए मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं और वीडियो शेयर कर रहे हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
यह नजारा देखकर यूजर्स हंस पड़े और मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उसे “Best Employee Award” देने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “बॉस का फेवरेट।”
दूसरे ने मजाक में कहा, “Employee of the Year यही है।”
एक यूजर ने कहा कि यह बंदा गलत उदाहरण सेट कर रहा है, क्योंकि अब बॉस सबको छत पर काम करने को कह सकते हैं।
एक अन्य यूजर ने कहा कि, “अगली बार मीटिंग में बोलूंगा कि मैं छत से जॉइन कर रहा हूं।”
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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