Amazing Facts : जब भी नॉनवेज खाने की बात आती है तो ज्यादातर लोग चिकन और मटन के बारे में ही जानते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि लगभग हर होटल-रेस्तरां और ढाबे पर यह दोनों नॉनवेज आइटम मिलता कॉमन होता है। मगर, दुनिया भर में मीट खाने के शौकीन लोग कई जानवरों के मांस को बड़े चाव से खाते हैं। चिकन-मटन के अलावा लोग भेंड़, ऊंट, सूअर, कबूतर, तीतर-बटेर और हिरण समेत कई जानवरों का शिकार कर उन्हें खाते हैं। मगर क्या आपने कभी खरगोश के मीट के बारे में सुना है ? दरअसल, खरगोश के मांस को भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खूब खाया जाता है। आमतौर पर जंगल में पहले इनका आखेट (शिकार) किया जाता है और फिर वहीं उनको पकाया जाता है। 99% मीट लवर्स को खरगोश के मांस का सही नाम नहीं पता है। आज हम इसके बारे में ही आपको बताएंगे।
खरगोश सबसे ज्यादा कहां खाया जाता है
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरगोश का मीट सबसे ज्यादा चीन में लोकप्रिय है। चीन में इसका सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके बाद इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों का नाम आता है। बता दें कि, चीन में दुनिया का 47 प्रतिशत से ज्यादा खरगोश के मीट का उत्पादन होता है।
दुनिया भर में कैसे खाया जाता है खरगोश
बता दें कि, खरगोश के मीट को खाने के अलग-अलग देशों में विभिन्न तरीके प्रचलित हैं। चीन के सिचुआन जैसे कई शहरों में खरगोश के सिर को बड़े चाव से खाया जाता है। वहीं, इटली, फ्रांस और स्पेन जैसे क्षेत्रों में खरगोश के मांस को बतौर स्टू, भूनकर या पास्ता में प्रयुक्त किया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खरगोश के मांस को करी के साथ या फिर ड्राई रोस्ट करके खाया जाता है। इसके कई वीडियो समय-समय पर यूट्यूब पर वायरल होते रहते हैं।
खरगोश के मीट को क्यों खाते हैं
गौरतलब है कि, चीन और फ्रांस में खरगोश का मांस अन्य अधिकांश मांसों की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। अमेरिका में यह उतना लोकप्रिय नहीं हुआ जितना दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में हुआ है। हालांकि, इस डिश को लेकर कई बार विवाद भी होता रहा है जिसके पीछे पर्यावरणीय असंतुलन बताया जाता रहा है। इसे खाने वाले लोग मानते हैं कि खरगोश सबसे सेहतमंद, कम वसा वाला और पर्यावरण के अनुकूल मांस में से एक है। इसका मांस कुछ हद तक चिकन जैसा लगता है (हालांकि इसमें थोड़ा अधिक गाढ़ा, मांसल और मिट्टी जैसा स्वाद होता है) और इसे चिकन की तरह ही पकाया जा सकता है।
खरगोश के मीट को क्या कहते हैं
फेसबुक पर @RabbitLandCorporation नामक हैंडल से खरगोश के मीट से जुड़ी जानकारी शेयर की गई थी। इस पोस्ट के मुताबिक, 'खरगोश का मांस यूरोपीय और भूमध्यसागरीय आहार का एक प्रमुख हिस्सा था। रेस्तरां में खरगोश के मांस को अक्सर "कोनी" या "लैपिन" कहा जाता है। "कोनी" शब्द एंग्लो-नॉर्मन भाषा से लिया गया है और मध्यकालीन इंग्लैंड में इसका व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता था, जबकि "लैपिन" एक फ्रांसीसी शब्द है और समकालीन उच्च श्रेणी के रेस्तरां में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।'

ज्यादातर होटलों में खरगोश के मीट को 'लैपिन मीट (Lapin Meat)' या 'व्हाइट मीट (White Meat)' के तौर पर संदर्भित किया जाता है। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण कुछ देशों में इसे 'ब्यूटी मीट (Beauty Meat)' भी कहा जाता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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