Railway Facts : भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क में हजारों स्टेशन हैं, जिनके नाम लंबे-चौड़े और अर्थपूर्ण होते हैं। वहीं, भारत के कई रेलवे स्टेशन अनोखे रहस्यों को भी समेटे हुए है। इनमें आंध्र का वेंकटनरसिमहराजुवरिपेट स्टेशन भी शामिल है जो कि सबसे लंबा रेलवे स्टेशन है। वहीं गोरखपुर का प्लेटफॉर्म दुनिया का सबसे लंबा है। वहीं, कथित तौर पर कुछ स्टेशन भूतिया माने जाते हैं जहां सफेद साड़ी वाली छाया या अजीब आवाजें सुनाई देती हैं। हालांकि भारत में कई ऐसे रेलवे स्टेशन भी हैं जिनके नाम में कोई मात्रा ही नहीं लगती है। क्या आपको पता है कि भारत के वे कौन से रेलवे स्टेशन हैं जिसके नाम में कोई मात्रा नहीं लगती है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में ही बताने वाले हैं।
दो अक्षर के रेलवे स्टेशन का नाम सुना है ?
भारत में एक ऐसा स्टेशन है जिसका नाम मात्र दो अक्षरों में समा गया है। कहा जाता है इसमें कोई मात्रा (वर्णमाला की स्वर चिह्न) नहीं लगती। यह है ईब (Ib) रेलवे स्टेशन, जिसे भारतीय रेलवे का सबसे छोटा नाम वाला स्टेशन माना जाता है। ईब स्टेशन झारसुगुड़ा जिले में स्थित है। इसका स्टेशन कोड IB है और यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के अंतर्गत आता है। स्टेशन की ऊंचाई लगभग 207 मीटर है। यह हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य लाइन पर स्थित है, जो देश की महत्वपूर्ण रेल गलियारों में से एक है। दो प्लेटफॉर्म और कई ट्रैक वाले इस छोटे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं सीमित हैं, लेकिन यह खनिज और कोयला परिवहन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
ईब रेलवे स्टेशन की अनोखी कहानी
इस रेलवे स्टेशन का नाम उसके पास बहने वाली 'ईब नदी' से लिया गया है। यह नदी महानदी की सहायक है। 1891 में यह स्टेशन शुरू हुआ। 1900 सन् में यह हावड़ा-नागपुर-मुंबई रूट का हिस्सा बन गया। दिलचस्प बात यह है कि साल 1900 में नदी पर ब्रिज बनाते समय यहां संयोग से कोयला मिला, जिससे बाद में 'ईब वैली कोलफील्ड' विकसित हुआ। इस क्षेत्र का कोयला उत्पादन आज भी रेलवे के माल ढुलाई कारोबार को मजबूती देता है।
किस रेलवे स्टेशन के नाम में कोई मात्रा नहीं है
गौरतलब है कि, ये सवाल अक्सर कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछा जाता है। कई लोग तो इसका जवाब आसानी से दे देते हैं। मगर जानकारी के अभाव में बहुत से लोग इसका नाम नहीं बता पाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि, किस रेलवे स्टेशन के नाम में कोई मात्रा नहीं लगती है। बता दें कि, बिना मात्रा के नाम वाला पहला रेलवे स्टेशन ओडिशा में है और दूसरा कर्नाटक में स्थित है। बता दें कि ओडिशा में स्थित रेलवे स्टेशन 'कटक' और कर्नाटक में स्थित रेलवे स्टेशन का नाम 'गदग जंक्शन' है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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