देहरादून में एक महिला यात्री का कैब अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। महिला ने दावा किया कि कैब ड्राइवर ने उन्हें बीच रास्ते में छोड़ दिया, जिसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे बुरा अनुभव बताया। घटना का वीडियो और पोस्ट वायरल होने के बाद कैब कंपनी का जवाब भी सुर्खियों में आ गया, जिससे यात्री सुरक्षा और कैब सेवाओं की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में वह सड़क किनारे ड्राइवर से बहस करती नजर आ रही है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @jnvchoudhary नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में इंस्टाग्राम यूजर जानवी चौधरी ने कैप्शन में लिखा, "@rapidoapp के साथ मेरा अब तक का सबसे खराब अनुभव रहा है!" वीडियो की शुरुआत में जानवी देहरादून में एक रैपिडो कैब के बाहर खड़ी होकर ड्राइवर से बात करती हुई दिखाई देती है। क्लिप पर एक टेक्स्ट ओवरले में लिखा है, "रैपिडो कैब के इस ड्राइवर ने मुझे बारिश के दौरान सड़क के बीचोंबीच उतार दिया।" जानवी के अनुसार, ड्राइवर पहाड़ियों के पीछे वाले रास्ते से जाने पर अड़ा हुआ था जो रैपिडो ऐप पर नहीं दिख रहा था। उसने मैप में न दिखने वाले उस रास्ते से जाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। वीडियो में वह कहती हैं, "इतनी बारिश हो रही है और ये आदमी मुझे बीच सड़क में छोड़कर चला गया। कहता मैं तो दूसरे वाले रास्ते से लेके जाऊंगा जो पहाड़ के पीछे वाला रास्ता है, जो मैन्युअल रूप से रैपिडो में दिख भी नहीं रहा है और यह बहुत निराशाजनक है कि वो रात के 8:30 मुझे छोड़के निकल गया।"
बदसलूकी का लगाया आरोप
वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि ड्राइवर उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था। हालांकि उनके साथ एक पुरुष भी था, फिर भी ड्राइवर ने उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया। जानवी ने कंपनी से अपनी सेवाओं में सुधार करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अक्सर ड्राइवरों से परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वह आखिरकार रात करीब 10 बजे घर पहुंचीं।
कंपनी ने दिया जवाब
कमेंट बॉक्स में जवाब देते हुए कंपनी ने लिखा, 'यह बिल्कुल अस्वीकार्य है, और हमारे ग्राहकों की सुरक्षा और गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जानवी, हम इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करना चाहते हैं। कृपया हमें अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और राइड आईडी डीएम के माध्यम से भेजें ताकि हम घटना की तुरंत समीक्षा कर सकें और उचित कार्रवाई कर सकें।'

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
कई उपयोगकर्ताओं ने कहा कि उन्हें भी इसी तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ा था।
एक यूजर ने लिखा कि, '@rapidoapp दिन-ब-दिन घटिया होता जा रहा है। मैं सिर्फ Rapido पर एक महीने में 25,000 रुपये खर्च करता हूं, फिर भी कुछ नहीं बदलता।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'रैपिडो का इस्तेमाल न करें। यह महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है, मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर यह कह रहा हूं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'सुरक्षित रहना। सावधान रहना।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, '@rapidoapp को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'बिल्कुल सही! मुझे इस समस्या का कई बार सामना करना पड़ा है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की।'
छठे यूजर ने लिखा कि, 'सही किया।'
वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'मैं भी कई बार इस स्थिति से गुज़र चुका हूं आप और मुझमें बस इतना फर्क है कि आपने इसके बारे में पोस्ट किया है। खासकर लापरवाही से बाइक चलाने वाले। अतिरिक्त किराया, लापरवाही से गाड़ी चलाना, गाली-गलौज, शराब का सेवन। यह सब हद से ज़्यादा है।'
एक और यूजर ने लिखा कि, 'मुझे भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है। मुझे नहीं पता कि ये लोग कौन हैं।'
गौरतलब है कि इससे पहले एक महिला का सीट बेल्ट लगाने को लेकर कैब ड्राइवर से बहस का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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