पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में हुई भारी बारीश ने हाहाकार मचा दिया, जिससे आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा गया है। आसनसोल के रेलपार इलाके में हुई लगातार बारिश के चलते पूरा इलाका जलमग्न हो गया। कुछ इलाकों में तो पानी की गहराई करीब 5 से 10 फीट तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालात इतने खराब हो गए कि कई परिवारों को मजबूरन अपने घरों को छोड़कर ऊपरी मंजिलों और छतों पर शरण लेनी पड़ी। दो और तीन मंजिला मकानों में रहने वाले लोगों ने रात अपने घरों के ऊपरी हिस्सों में रहकर बिताई, जबकि कई परिवारों ने अपने घर की छत पर शरण ली। हालात इतने बदतर हो गए कि जान बचाने के लिए लोगों के पास अपने ही आशियानों को छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, आसनसोल नगर निगम और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीमों ने तत्काल मोर्चे पर पहुंचकर राहत व बचाव अभियान शुरू किया। जलमग्न घरों में फंसे लोगों को नाव व सुरक्षा उपकरणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है। जलजमाव के कारण घरों के अंदर रखा सामान भी प्रभावित हुआ और लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की समस्या खड़ी हो गई। पानी बढ़ने के बाद कई परिवारों ने घर छोड़कर दूसरे स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया।
रेस्क्यू टीम ने कई जलमग्न घरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, प्रभावित परिवारों तक खाद्य सामग्री और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी शुरू किया गया। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। भीषण जलजमाव के कारण इलाके के लोगों में प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द जल निकासी और राहत कार्य तेज करने की मांग की है।
एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में बारिश ने जलभराव से तबाही मचाई तो वहीं दूसरी ओर पहाड़ों पर भी स्थिति भयावह बनी हुई है। बीते रविवार को पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग शहर से बिंदु जाने वाले स्टेट हाईवे पर अचानक लैंडस्लाइड हो गया। हालांकि राहत की बात ये रही कि इससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
(पश्चिम बर्दवान से बीजू मंडल की रिपोर्ट)
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