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सरकारी बस ड्राइवर से मीनार मंडल बना अरबों का कारोबारी, 28.5 करोड़ कैश और 15 किलो सोना बरामद-VIDEO

 Reported By: Onkar Sarkar Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 29, 2026 10:27 pm IST,  Updated : Jul 29, 2026 11:53 pm IST

मीनार मंडल के घर पर छापा मारने के बाद पुलिस दंग रहे गए। मंडल के घर के दूसरे मंजिला पर ताला बंद एक रूम से करोड़ों रुपए बरामत किए गए। नगद पैसा गिनने के लिए 5 मशीनें लगाई गईं। इसके अलावा 15 किलो सोना भी रिकवर किया गया।

पत्थर कारोबारी के ठिकानों से कैश और सोना बरामद- India TV Hindi
पत्थर कारोबारी के ठिकानों से कैश और सोना बरामद Image Source : REPORTER INPUT

पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार को बीरभूम जिले में कम से कम 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना जब्त किया। राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी के ठिकानों से चार साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जब्त की गई रकम के बाद यह अवैध रूप से जमा की गई नकदी और सोने की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। घटना में FIR दर्ज कराई गई है। मीनार मंडल को डिटेन करके पूछताछ में सामने आया कि ये पैसा सिंडिकेट का है। पुलिस ने बताया कि सरकारी बस ड्राइवर से पत्थर व्यापारी बने मीनार मंडल के देवचा गांव स्थित दो मंजिला मकान से एक-एक किलोग्राम वजनी सोने की 14 छड़ और 100-100 ग्राम के सोने के 10 बिस्कुट बरामद किए गए हैं, जिनकी वर्तमान बाजार दर के अनुसार कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये है। 

पत्थर खनन व्यवसाय का बड़ा कारोबार

अधिकारियों ने बताया कि कई थैलों में भरकर रखी गई नकदी की गिनती की गई। यह आंकड़ा 28.5 करोड़ रुपये को पार कर चुका था। पुलिस ने मीनार मंडल की पहचान फरार कारोबारी टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के संबंधी के रूप में की है। टुल्लू मंडल का बीरभूम के पत्थर खनन व्यवसाय में बड़ा कारोबार है और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उसे 'बालू माफिया' संचालक बताया है। यह बरामदगी बीरभूम में कथित अवैध खनन और राजस्व चोरी के खिलाफ जारी एक बड़ी कार्रवाई के बीच हुई है। 

2 साल पहले की थी बेटी की शादी

टुल्लू मंडल के बेटी की शादी लगभग 2 साल पहले बीरभूम जिले में हुई थी। काफी धूमधाम से शादी की गई थी। टुल्लू मंडल ने शादी में काफी पैसा खर्च किया था। शादी में कई सारे बॉलीवुड और बंगाली फिल्म के एक्टर भी पहुंचे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टुल्लू मंडल ने कितना पैसा बनाया था? बंगाल में चुनाव के रिजल्ट आने के बाद से टुल्लू मंडल फरार है।

पहले भी जांच के दायरे में रहा टुल्लू मंडल

टुल्लू मंडल बीरभूम जिला लंबे समय से पत्थर व्यापार से जुड़े अवैध खनन और संगठित अपराध के आरोपों के कारण जांच के दायरे में रहा है। इससे पहले जुलाई 2022 में राज्य के स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़ी प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से कुल 50 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोना और विदेशी मुद्रा बरामद की गई थी। टुल्लू का नाम करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी मामले में सीबीआई जांच में सामने आया था। 

पूछताछ के लिए किया गया था तलब

अगस्त 2022 में एजेंसी ने जिले के मोहम्मद बाजार इलाके में उसके कार्यालय और गोदाम के अलावा उसकी कई संपत्तियों की तलाशी ली थी। प्रवर्तन निदेशालय ने बाद में उसी साल नवंबर में उसे पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया था। ईडी का समन मिलने के 48 घंटों के भीतर, टुल्लू को बीरभूम पुलिस ने अक्टूबर 2022 में दर्ज हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया था। 

अनुब्रत मंडल का करीबी है टुल्लू मंडल

एक पुलिस सूत्र ने दावा किया कि जमानत मिलने के बाद, वह इस साल मई में राज्य चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से छिप गया था। पुलिस ने कहा कि टुल्लू बीरभूम के पत्थर कारोबार का एक बड़ा हिस्सा संभालता था और कथित तौर पर बीरभूम तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख अनुब्रत मंडल का करीबी सहयोगी था। अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था और जमानत मिलने के बाद वे पार्टी के भीतर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए हैं। 

मीनार और उसके बेटे को लिया गया हिरासत में

पुलिस ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान मीनार और उसके बेटे को घर पर ही हिरासत में ले लिया गया और उनसे उन संभावित अतिरिक्त ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही थी, जहां नकदी छिपाई जा सकती थी। इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, 'मीनार मंडल इलाके के उन सात टोल गेटों में से एक का प्रभारी था, जहां से पत्थर खदानों के ट्रक गुजरते थे। वह ट्रांसपोर्टर से राजस्व वसूला करता था। आशंका है कि उसने सरकारी खजाने में जाने वाली भारी नकदी की धोखाधड़ी की है, और यह उस संपत्ति का एक हिस्सा है, जिसे पुलिस ने अब बरामद किया है।'

पहले करता था ड्राइवर की नौकरी

पुलिस के मुताबिक, मीनार पहले नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। कुछ साल पहले वह नौकरी छोड़कर अपने रिश्तेदार के पत्थर के कारोबार में शामिल हो गया था। इससे पहले, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के शासनकाल में बड़े पैमाने पर राजस्व चोरी और अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए बीरभूम के आधिकारिक आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद कार्रवाई होने से राजस्व संग्रह में भारी बढ़ोतरी हुई है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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