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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 18.5 लाख की ठगी, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर मामले में पूर्व TMC ग्राम प्रधान का बड़ा आरोप

 Published : Jul 23, 2026 04:32 pm IST,  Updated : Jul 23, 2026 06:18 pm IST

अंडाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 18.5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सेरामपुर ग्राम पंचायत की पूर्व तृणमूल चीफ प्रियंका मंडल ने आरोप लगाया है कि फूड और एक्साइज विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूले गए।

Government Job Scam- India TV Hindi
ग्राम पंचायत पूर्व TMC चीफ से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप Image Source : REPORTER INPUT

सरकारी नौकरी का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी के आरोपों ने अंडाल में सनसनी फैला दी है। इस बार अंडाल के सेरामपुर ग्राम पंचायत की पूर्व तृणमूल चीफ प्रियंका मंडल ने यह आरोप सामने लाया है। उनका दावा है कि फूड और एक्साइज विभाग में नौकरी दिलाने के बहाने उनसे पैसे लिए गए। इतना ही नहीं पूरी प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए उन्हें और उनके भाई को फर्जी ट्रेनिंग, इंटरव्यू, अपॉइंटमेंट लेटर और आईडी कार्ड तक दिए गए। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर फर्जी चेक दिया गया। मामले में प्रभावशाली नेताओं की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है।

नौकरी दिलाने का दिया गया भरोसा

आरोप है कि 2022 में आसनसोल के सकटोरिया के रहने वाले जयदेव बाउरी, तन्मय बाउरी और अंडाल के दक्षिणखंड के रहने वाले एक व्यक्ति ने प्रियंका मंडल को फूड डिपार्टमेंट और उनके भाई सुप्रिया मंडल को एक्साइज डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का वादा किया था। उस भरोसे पर उनसे धीरे-धीरे कुल 18 लाख 50 हजार रुपये लिए गए।

फर्जी ट्रेनिंग और अपॉइंटमेंट लेटर का खेल

प्रियंका मंडल का दावा है कि नौकरी के प्रोसेस को भरोसेमंद बनाने के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के धर्मतला में फूड डिपार्टमेंट के एक ऑफिस में ले जाया गया। वहां सरकारी प्रोसेस के नाम पर ट्रेनिंग और इंटरव्यू समेत कई तरह की फॉर्मैलिटीज पूरी की गईं। उन्हें अपॉइंटमेंट लेटर और पहचान पत्र भी दिया गया। इसी तरह उनके भाई को भी इसी प्रोसेस से गुजारा गया।

लेकिन बाद में संबंधित ऑफिस से पता करने पर उनके होश उड़ गए। शिकायत से लेकर ट्रेनिंग, इंटरव्यू, अपॉइंटमेंट लेटर तक, सभी डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह से फर्जी थे। यानी नौकरी का पूरा प्रोसेस एक सोची-समझी धोखाधड़ी का जाल था।

पैसे लौटाने के नाम पर फर्जी चेक

प्रियंका मंडल का आरोप है कि जब उन्होंने बार-बार पैसे वापस करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने उन्हें 6 लाख 50 हजार रुपये का चेक दिया। लेकिन जब उन्होंने उसे बैंक में जमा किया, तो पता चला कि चेक भी फर्जी था।

धमकाने और नेताओं की संलिप्तता का आरोप

यही नहीं है। उनका आगे आरोप है कि जब वह दक्षिणखंड के आरोपी व्यक्ति से पैसे वापस मांगने गईं, तो इलाके के एक असरदार तृणमूल नेता ने उन्हें धमकाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी के गिरोह में कई और असरदार तृणमूल नेता शामिल हो सकते हैं। इस घटना से इलाके में हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर शिकायत के आधार पर जांच शुरू की जाए तो एक बड़े फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश हो सकता है।

(रिपोर्ट- अनिर्बान)

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