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ऑनलाइन गेमिंग ऐप से शुरू हुआ संपर्क, फिर बना आतंकी नेटवर्क का हिस्सा; STF की गिरफ्त में B.Com छात्र आदित्य सिंह

 Published : Aug 03, 2026 06:33 pm IST,  Updated : Aug 03, 2026 06:33 pm IST

एसटीएफ की टीम द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आदित्य सिंह की गिरफ्तारी डिजिटल एविडेंस के द्वारा हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ बातें छानबीन करने के बाद आदित्य सिंह को गिरफ्तार किया गया क्योंकि इनका संपर्क अर्पिता और हामिम मंडल के साथ है।

STF ने एक और संदिग्ध आतंकी सहयोगी को किया गिरफ्तार- India TV Hindi
STF ने एक और संदिग्ध आतंकी सहयोगी को किया गिरफ्तार Image Source : INDIA TV

पूर्व बर्धमान में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हावड़ा के बेलिलियस रोड इलाके से आदित्य सिंह नामक एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए हामिम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान आदित्य का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। बताया गया है कि आदित्य बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है और अपने परिवार के व्यवसाय में भी हाथ बंटाता था। 

एसटीएफ के अनुसार, आदित्य लंबे समय से हामिम मंडल का करीबी सहयोगी था। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर हामिम की विभिन्न गतिविधियों में मदद की और कथित आतंकी नेटवर्क के निर्देश पर महत्वपूर्ण व्यक्तियों की निगरानी का काम भी किया।

जांच एजेंसी का दावा है कि आदित्य ने कथित रूप से राज्य के शहरी विकास राज्यमंत्री उमेश राय और उनके परिवार की गतिविधियों, निजी जानकारियों तथा दैनिक कार्यक्रम से जुड़ी सूचनाएं हामिम और अर्पिता तक पहुंचाईं। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आया है कि मंत्री के बेटे को कथित 'हनीट्रैप' में फंसाकर उसके अपहरण की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आदित्य और हामिम की पहली पहचान एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से हुई थी। बाद में दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और जांचकर्ताओं का दावा है कि धीरे-धीरे आदित्य को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया। इसके बाद वह कथित रूप से संगठन के लिए सूचना जुटाने और निगरानी से जुड़े कार्यों में सक्रिय हो गया।

जांच एजेंसियों का मानना है कि हामिम, अर्पिता और अब आदित्य की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि इस नेटवर्क की जड़ें कहीं अधिक गहरी हो सकती हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

गिरफ्तारी के बाद सोमवार को आदित्य सिंह को बर्धमान जिला अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ ने 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उसे 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब उसे 14 अगस्त को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। उसके खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने उसके पास से एक आईफोन भी बरामद किया है, जिसके डेटा की जांच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या राज्य के अन्य जनप्रतिनिधि या महत्वपूर्ण व्यक्ति भी कथित निगरानी के दायरे में थे। मामले की जांच जारी है और आगे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले आतंकी हमीम मंडल की गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया गया था

(रिपोर्ट- बिज्जू मंडल)

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