पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने मुर्शिदाबाद की रेजीनगर लोकसभा सीट से यूसुफ पठान को इस्तीफा देने के लिए कहा है। ममता का सपना इस सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल कर लोकसभा जाने का है। ममता चाहती हैं कि यूसुफ पठान बहरामपुर सीट खाली कर दें और वो वहां से उपचुनाव लड़ें, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी के लिए सीट छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, उनके पुराने सहयोगी हुमायूं कबीर ने उन्हें बड़ा ऑफर दिया है।
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को रेजीनगर सीट से उपचुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। ममता बनर्जी भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी के सामने हार गई थीं। हुमायूं कबीर ने कहा कि वो चाहते हैं कि स्टेट पॉलिटिक्स में एक्टिव रहें। इसलिए वो अपनी एक सीट ममता बनर्जी के लिए खाली करने को तैयार हैं। आपको बता दें कि हुमायूं कबीर ने विधानसभा चुनाव दो सीटों से लड़ा था और दोनों सीट पर जीत दर्ज की थी, जिसमें से एक रेजीनगर सीट है।
टीएमसी में बगावत का डर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद टीएमसी में बगावत शुरू हो गई है। पार्टी के 60 विधायक बगावत कर चुके हैं और उन्होंने ममता की बात को दरकिनार करते हुए अपना विपक्ष का नेता चुन लिया है। खबर है कि टीएमसी के 28 में से 20 विधायक भी बगावत कर सकते हैं। संभवतः इसी को रोकने के लिए ममता लोकसभा जाना चाहती हैं। हालांकि, यूसुफ ने इस्तीफा देने से मना कर दिया है। इससे ममता की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
क्या कहता है नियम?
ममता बनर्जी को सांसद बनने के लिए चुनाव जीतना होगा। इसके लिए उन्हें अपने किसी सांसद की सीट खाली करानी होगी। इसके बाद छह महीने के अंदर वहां उपचुनाव होगा। ममता यह चुनाव जीतकर सांसद बन सकती हैं। हालांकि, बहरामपुर सीट से जीत हासिल करना ममता के लिए आसान नहीं होगा। वह पिछले तीन में से दो चुनाव हार चुकी हैं। दोनों बार उन्हें शुभेंदु अधिकारी ने ही हराया है। 2026 में सत्ता गंवाने के बाद ममता कमजोर हुई हैं। इस सीट पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी उन्हें हराने का माद्दा रखते हैं। वहीं, सत्ताधारी बीजेपी भी कोई दमदार उम्मीदवार उतारकर ममता को चुनाव में फिर से हरा सकती है। ऐसे में उनके लोकसभा जाने की राह बेहद मुश्किल नजर आ रही है।
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