पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना इन दिनों राजनीतिक अड्डा बना हुआ है। बीते दिनों माहेशतला में तुलसी का पौधा लगाने को लेकर बवाल मचा था, जिसके बाद उपद्रवियों द्वारा तुलसी के पौधे को तोड़ दिया गया और शिव मंदिर पर हमला किया। इसी कड़ी में आज केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि वह बज बज में भाजपा के घायल कार्यकर्ता से मुलाकात करने के लिए गए थे। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके उपर पत्थर और जूते फेंके। सुकांत मजूमदार ने कहा, 'मैं इस पूरी स्थिति के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित करूंगा। वे लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं।'
मजूमदार ने आगे कहा कि मुझपर ईंट, जूते और पत्थर फेंके गए हैं। टीएमसी पूरे प्रदर्शन को आयोजित कर रही है। अगर चेक करेंगे तो इनमें से ज्यादातर लोग बांग्लादेश के होंगे जो यहां गुंडागर्दी कर रहे हैं। इनके पूर्वज यहां के नहीं थे। ये सब जिहादी हैं। बता दें कि दक्षिण 24 परगना के माहेशतला में 11 जून 2025 को तुलसी के पौधे को लगाने को लेकर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। ये विवाद तब शुरू हुआ जब एक फल विक्रेता (अल्पसंख्यक समुदाय/मुस्लिम समुदाय) ने अपनी दुकान की जगह पर तुलसी मंच बनाए जाने का विरोध किया।
तुलसी मंच को लेकर दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया और फिर भीड़ ने शिव मंदिर पर हमला किया और तुलसी के पौधे को उखाड़ा। साथ ही दुकानों और घरों में भी तोड़फोड़ की। बता दें कि इस हमले में 60 से अधिक लोग, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, घायल हुए और 40 लोग गिरफ्तार किए गए। इसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया। बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हिंदू-विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने तुलसी पौधे के साथ राजभवन तक मार्च किया। वहीं, TMC ने बीजेपी पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का उपयोग किया। इलाके में तनाव बना हुआ है, और पुलिस दोनों पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।
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