कोलकाता: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इस चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है और तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजेपी के सिपहसालार शुभेंदु अधिकारी की हो रही है।
Related Stories
शुभेंदु अधिकारी वह नेता हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गृह क्षेत्र भवानीपुर से चुनाव हराया है। अब शुभेंदु अधिकारी का नाम पश्चिम बंगाल में सीएम पद की रेस में भी सामने आ रहा है। ऐसे में जानिए कि शुभेंदु अधिकारी कौन हैं, उनका राजनीतिक जीवन कैसा है।
अविवाहित हैं शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी अविवाहित हैं। उनका जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में हुआ था। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा था। उनके पिता शिशिर अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में जाने-माने नाम थे। शुभेंदु अधिकारी पर भी अपने पिता का प्रभाव पड़ा।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से की। साल 1995 में वह उस वक्त चर्चा में आए, जब कांथी नगर पालिका में उन्हें पार्षद चुना गया। साल 1998 में जब टीएमसी की शुरुआत हुई तो सुवेंदु तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गए। धीरे-धीरे उन्होंने राजनीति पर पकड़ बना ली और वह इतने मजबूत हो गए कि साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट जीते। ममता बनर्जी ने भी उनका लोहा माना और परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए।
2020 में TMC छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी
2020 में शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी से मोह भंग हो गया और उन्होंने दिसंबर 2020 में तृणमूल कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और मेदिनीपुर में अमित शाह की रैली में बीजेपी ज्वाइन कर ली। इसके बाद साल 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव हरा दिया। इस जीत के बाद वह पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार होने लगे। बाद में बीजेपी ने उन्हें लीडर ऑफ अपोजिशन भी बनाया।
अब 2026 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने 2 सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की। उन्होंने भवानीपुर सीट से राज्य की सीएम ममता बनर्जी को चुनाव हराया। ममता ने भवानीपुर से ही विधानसभा का चुनाव लड़ा था।