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ममता की TMC का अब अल्पसंख्यक सेल भी टूटा! प्रदेश अध्यक्ष मोशरेफ हुसैन ने दिया पद से इस्तीफा

 Reported By: Onkar Sarkar, Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 21, 2026 03:13 pm IST,  Updated : Jun 21, 2026 03:58 pm IST

TMC के भीतर मची आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब टीएमसी माइनॉरिटी सेल के स्टेट प्रेसिडेंट मोशरेफ हुसैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मोशरेफ बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के ग्रुप में शामिल हो सकते हैं।

मोशरेफ हुसैन इटाहार से टीएमसी विधायक हैं।- India TV Hindi
मोशरेफ हुसैन इटाहार से टीएमसी विधायक हैं। Image Source : REPORTER INPUT

पश्चिम बंगाल की सियासत से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। TMC के भीतर मची आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। अब पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है, जिससे टीएमसी का अल्पसंख्यक सेल भी टूटता हुआ नजर आ रहा है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के माइनॉरिटी सेल के स्टेट प्रेसिडेंट मोशरेफ हुसैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मोशरेफ हुसैन उत्तर दिनाजपुर जिले की इटाहार विधानसभा सीट से TMC के विधायक हैं। सूत्रों के मुताबिक, मोशरेफ हुसैन बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के ग्रुप में शामिल हो सकते हैं।

दो हिस्सों में बंटे विधायक

वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन यानी 18 जून को TMC का आंतरिक संकट खुलकर सदन में देखने को मिला। पार्टी के दो प्रतिद्वंद्वी गुट बिल्कुल अलग-अलग खेमों में बैठे नजर आए। विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा जैसे वरिष्ठ बागी नेताओं के साथ 58 विधायकों का एक बड़ा खेमा अलग बैठा दिखा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद और करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम भी इसी बागी गुट के साथ बैठे नजर आए। 

दूसरी तरफ, लगभग 14 विधायकों का एक और समूह बैठा था, जिसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय, मदन मित्रा, कुणाल घोष, रुकबानुर रहमान और अलीफ़ा अहमद जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। संसदीय दल में मची बगावत के बीच सुदीप बंद्योपाध्याय की पत्नी और चौरंगी की विधायक नैना बंद्योपाध्याय के रुख पर सबकी नजरें थीं। हालांकि, गुरुवार को वह ममता बनर्जी के प्रति वफादार गुट के साथ ही बैठी दिखाई दीं।

NCPI में विलय की तैयारी

टीएमसी में यह टूट सिर्फ बंगाल विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की संसद में भी पार्टी बिखर गई है। तख्तापलट की कोशिश के तहत सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार जैसे तृणमूल के 20 वरिष्ठ सांसदों ने केंद्रीय नेतृत्व से पूरी तरह किनारा कर लिया है। इन बागी सांसदों ने दावा किया है कि उन्हें लोकसभा सदस्यों में से दो-तिहाई से ज्यादा का समर्थन हासिल है और वे अब 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में विलय करने की बात कर रहे हैं।

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