पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद दूसरे चरण में भी बंपर मतदान की तैयारी शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चुनाव के दौरान हिंसा होती रही है। इस बार इसे रोकने के लिए बडे़ पैमाने पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसका असर भी हुआ और लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया। अब दूसरे चरण में भी मतदाताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव कराने की लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा, "सभी व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई, और QRT अधिकारियों, CAPF अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं। सभी को 'क्या करें' और 'क्या न करें', और पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। भांगर के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। हमने एक BDDS टीम, खोजी कुत्ते, और कोलकाता पुलिस रिज़र्व से अतिरिक्त बल तैनात किया है। नाकेबंदी की गई है। हमारा प्रयास एक ऐसा वातावरण बनाने का है जहां लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मतदान कर सकें। संकरी गलियों में मोटरसाइकिल गश्त लगाई जाएगी।"
कोलकाता में समन्वय बैठक करेगा निर्वाचन आयोग
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले कोलकाता के तीन जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चुनाव अधिकारी, पुलिस अधिकारी और केंद्रीय बलों के कमांडर शामिल होंगे। यह बैठक 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से तीन दिन पहले धन धान्य सभागार में आयोजित की जाएगी। अधिकारी ने कहा, "यह बैठक कोलकाता के चुनावी जिलों में सभी तैयारियों का आकलन करने और मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई है।"
पूरे राज्य में हो रही समीक्षा बैठक
अधिकारी के अनुसार, बैठक में कोलकाता पुलिस के आयुक्त, कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी, निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कंपनी कमांडर और कोलकाता क्षेत्र के निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव अधिकारी भी शामिल होंगे। अधिकारी ने कहा, "बैठक में मुख्य रूप से बलों की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों का मानचित्रण, नागरिक और पुलिस प्रशासन के बीच संचार, और मतदान कर्मियों की तैयारी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।" राज्य में 23 अप्रैल को 16 जिलों में फैले 152 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण के मतदान के दौरान 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग पूरे राज्य में इस तरह की समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रहा है, ताकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।