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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ाई पुतिन की टेंशन, जॉर्जिया के इन दो हिस्सों को मांगा कब्जे से वापस

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 11, 2023 05:34 pm IST,  Updated : Aug 11, 2023 05:34 pm IST

करीब 15 वर्ष पहले रूस ने जॉर्जिया के ओसेशिया और अबकाज़िया पर कब्जा कर लिया था। मगर अब संयुक्त राष्ट्र समेत 6 पश्चिमी देशों ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से इसे वापस करने की मांग की है। एक संक्षिप्त युद्ध में रूस ने जॉर्जिया के इस 20 फीसदी भूभाग को हथिया लिया था।

संयुक्त राष्ट्र।- India TV Hindi
संयुक्त राष्ट्र। Image Source : AP

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के खिलाफ हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शामिल 6 पश्चिम देशों ने जॉर्जिया के 20 प्रतिशत क्षेत्र पर रूस के कब्जे के 15 साल पूरे होने पर बृहस्पतिवार को मॉस्को से दो क्षेत्रों ओसेशिया और अबकाज़िया को पड़ोसी देश को वापस करने की मांग की है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, अल्बानिया, जापान और माल्टा ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि 2008 में जॉर्जिया पर रूस का आक्रमण अपने पड़ोसियों के प्रति उसकी नीति में "ज्यादा आक्रामक प्रवृत्ति को दर्शाता है।"

संयुक्त बयान में कहा गया कि रूस की उन नीतियों में से कुछ को आज यूक्रेन में भी देखा जा रहा है। जॉर्जिया पर सुरक्षा परिषद के परामर्श के बाद एक बयान में कहा गया कि छह देश "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर" देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने को लेकर "दृढ़" हैं। रूस ने अगस्त 2008 में जॉर्जिया के साथ एक संक्षिप्त युद्ध लड़ा था। इस युद्ध में रूस ने अलग हो चुके दक्षिण ओसेशिया प्रांत पर नियंत्रण हासिल करने का असफल प्रयास किया था।

जॉर्जिया के ओसेशिया और अबकाज़िया की स्वतंत्रता को रूस ने दी थी मान्यता

मॉस्को ने तब दक्षिण ओसेशिया और एक अन्य अलग हुए जॉर्जियाई प्रांत, अबकाज़िया की स्वतंत्रता को मान्यता दी और वहां सैन्य अड्डे स्थापित किए। पश्चिमी देशों ने कहा कि रूस-जॉर्जिया संघर्ष को संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए तथा सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता दी जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत, दिमित्री पॉलिन्स्की ने एक ट्वीट में छह पश्चिमी देशों के बयान को "पाखंड" बताया और कहा कि जॉर्जिया ने "लापरवाही" के कारण उस क्षेत्र को खो दिया। (एपी)

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