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बॉयफ्रेंड ने बर्फ से ढके पहाड़ पर गर्लफ्रेंड को ठंड में मरने के लिए छोड़ा, फोन को किया साइलेंट, युवती की मौत

बॉयफ्रेंड पर गर्लफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। आरोपी बॉयफ्रेंड ने इस टूर को लेकर पहले से साजिश के तहत पूरी प्लानिंग की थी।

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj
Published : Dec 08, 2025 10:10 am IST, Updated : Dec 08, 2025 10:35 am IST
सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

ऑस्ट्रिया के सबसे ऊंचे पहाड़ ग्रॉसग्लॉक्नर (3,798 मीटर) पर एक पर्वतारोही बॉयफ्रेंड पर अपनी ही गर्लफ्रेंड को मारने का आरोप लगा है। न्यू यॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार , 33 वर्षीय ऑस्ट्रियाई महिला, जो अपने पर्वतारोही बॉयफ्रेंड प्लाम्बर्गर द्वारा पहाड़ में छोड़े जाने के बाद ठंड से मर गई। मृतक युवती की पहचान केर्स्टिन गर्टनर (Kerstin Gurtner) के रूप में हुई है। वह साल्ज़बर्ग की रहने वाली थी। मृतक युवती सोशल मीडिया पर खुद को 'विंटर चाइल्ड' और 'माउंटेन पर्सन' बताती थी। 

कोर्ट पहुंचा ये मामला

इस साल जनवरी में गर्टनर अपने 39 वर्षीय बॉयफ्रेंड थॉमस प्लाम्बर्गर, जो एक अनुभवी पर्वतारोही गाइड के साथ ऑस्ट्रिया की सबसे ऊंची चोटी ग्रॉसग्लोकनर पर चढ़ाई कर रही थीं। जहां उसकी मौत हो गई। अब ये मामला कोर्ट में पहुंचा हुआ है। 

इस टूर को लेकर बॉयफ्रेंड ने पहले से की थी प्लानिंग

मृतक युवती का ये पहला हाई-एल्टीट्यूड विंटर ट्रेक था, जबकि प्लैम्बर्गर सल्जबर्ग एक अनुभवी माउंटेनियर था। इस टूर को लेकर उसने पहले से प्लानिंग की थी। दोनों 18 जनवरी, 2025 को स्टडलग्राट रूट से चढ़ाई शुरू करने निकले थे।

दो घंटे लेट से शुरू किया गया ट्रेक

अभियोजन पक्ष के अनुसार, जानबूझ कर ट्रेक दो घंटे लेट शुरू किया गया। मौसम खराब होने के बावजूद भी दुर्गम ठंडी पहाड़ियों पर ट्रेक को जारी रखा गया। रात लगभग 8:50 बजे केर्स्टिन थकान, ठंड और कई समस्याओं से पीड़ित हो गई। देर रात करीब 2:00 बजे आरोपी बॉयफ्रेंड ने उन्हें चोटी के 50 मीटर नीचे अकेला छोड़ दिया और खुद नीचे उतरने लगा। 

फोन को साइलेंट मोड में रखा

बॉयफ्रेंड ने जानबूझकर अपनी गर्लफ्रेंड के लिए उपलब्ध इमरजेंसी कंबल या शेल्टर का इस्तेमाल नहीं किया। इमरजेंसी कॉल करने में भी देरी की। इसके बाद फोन को साइलेंट मोड पर रख दिया। इन सभी कारणों के चलते केर्स्टिन को करीब 6.5 घंटे तक बिना सुरक्षा के −20°C तापमान में रहना पड़ा। 

देर से शुरू हो सका रेस्क्यू ऑपरेशन

पुलिस ने वेबकैम फुटेज, फोन रिकॉर्ड्स, स्पोर्ट्स वॉच डेटा और एक्सपर्ट एनालिसिस से जांच पूरी की है। ठंडे पहाड़ में युवती को बचाने के लिए सुबह 7:10 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। तेज हवाओं के कारण रेस्क्यू रद्द कर दिाय गया। दुबारा शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में सुबह 10:00 बजे केर्स्टिन का शव मिला। पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण हाइपोथर्मिया पाया गया।

3 साल तक की हो सकती है जेल की सजा

प्लाम्बर्गर पर घोर लापरवाही से हत्या का आरोप लगाया गया है। अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे 3 साल तक की जेल हो सकती है। उनके वकील का कहना है कि यह एक दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी। इस मामले की सुनवाई 19 फरवरी, 2026 को इंसब्रुक की स्थानीय कोर्ट में होनी है। 

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