BRICS Summit 2025: 17वें ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणा पत्र में भारत और ब्राजील को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा समिति में स्थाई सदस्य बनाए जाने की मांग की गई है। ब्रिक्स नेताओं ने इस साझा घोषणा पत्र में संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को अधिक लोकतांत्रिक और प्रभावशाली बनाने के लिए ग्लोबल साउथ के दो देश भारत और ब्राजील को इसका सदस्य बनाने की पुरजोर मांग की है। ब्रिक्स देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र, जिसमें सुरक्षा परिषद भी शामिल है, के व्यापक सुधार के लिए अपना समर्थन दोहराया है, ताकि इसे और अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और कुशल बनाया जा सके।
घोषणा पत्र में क्या कहा गया?
घोषणा पत्र में कहा गया है, "हम संयुक्त राष्ट्र, जिसमें इसकी सुरक्षा परिषद भी शामिल है, के व्यापक सुधार के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं, ताकि इसे और अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधि, प्रभावी और कुशल बनाया जा सके, और परिषद की सदस्यता में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके, ताकि यह मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का पर्याप्त रूप से जवाब दे सके और ब्रिक्स देशों सहित अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते और विकासशील देशों की वैध आकांक्षाओं का समर्थन कर सके, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मामलों में, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र में, जिसमें इसकी सुरक्षा परिषद भी शामिल है, अधिक भूमिका निभा सकें। हम अफ्रीकी देशों की वैध आकांक्षाओं को मान्यता देते हैं, जैसा कि एज़ुल्विनी सर्वसम्मति और सिर्ते घोषणा में परिलक्षित होता है।"
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
ब्रिक्स समूह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। ब्रिक्स घोषणा पत्र में कहा गया है, ‘‘हम ‘आतंकवाद को कतई बर्दाश्त ना करने’ की नीति सुनिश्चित करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मापदंड को खारिज करने का आग्रह करते हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘हम आतंकवाद का मुकाबला करने में देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं और यह कि उन्हें आतंकवादी खतरों को रोकने और उनका मुकाबला करने के वैश्विक प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।’’
एकतरफा शुल्क को लेकर भी जताई गई चिंता
ब्रिक्स समूह के नेताओं ने एकतरफा शुल्क और गैर-शुल्क उपायों के बढ़ने के बारे में भी गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसे परोक्ष तौर पर शुल्क को लेकर अमेरिका की नीति के संदर्भ के तौर पर देखा गया। ब्रिक्स ने दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में "ध्रुवीकरण और विखंडन" की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। इसमें कहा गया है, ‘‘हम कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्र की स्थिति के बारे में अपनी गंभीर चिंता दोहराते हैं।’’
ब्रिक्स के बारे में जानें
बता दें कि, ब्रिक्स में कुल 11 देश है जिसमें ब्राजील ,रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, यूएई और ईरान शामिल हैं। साथ ही बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान ब्रिक्स के पार्टनर देश है। इस साल वियतनाम को भी पार्टनर देश के तौर पर ब्रिक्स में शामिल किया गया है।
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