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Human rights violation in Ukraine war: यूक्रेन युद्ध के दौरान लोगों को निर्वस्त्र कर किए घिनौने काम, पढ़ें यूएन की सनसीखेज रिपोर्ट

 Published : Sep 23, 2022 04:27 pm IST,  Updated : Sep 23, 2022 04:28 pm IST

Human rights violation in Ukraine war: रूस और यूक्रेन के बीच करीब सात महीनों से चल रहे भीषण युद्ध के दौरान स्थानीय नागरिकों के साथ क्या-क्या जुल्म हुए हैं, इस बारे में जानकर आपका कलेजा फट जाएगा, दिमाग सन्न रह जाएगा और रगों का खून खौल उठेगा।

Human rights violation in Ukraine - India TV Hindi
Human rights violation in Ukraine Image Source : INDIA TV

Highlights

  • चार साल के बच्चों से लेकर 82 साल के बुजुर्गों तक के साथ यौन अपराध
  • रूसी सैनिकों ने किया स्थानीय नागरिकों के साथ दर्दनाक जुर्म
  • दो रूसी सैनिकों के साथ यूक्रेन ने भी किया अमानवीय कृत्य

Human rights violation in Ukraine war: रूस और यूक्रेन के बीच करीब सात महीनों से चल रहे भीषण युद्ध के दौरान स्थानीय नागरिकों के साथ क्या-क्या जुल्म हुए हैं, इस बारे में जानकर आपका कलेजा फट जाएगा, दिमाग सन्न रह जाएगा और रगों का खून खौल उठेगा। संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ने यूक्रेन में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर बेहद सनसनीखेज रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में लोगों को निर्वस्त्र करके उनके साथ अनगिनत अमानवीय कृत्य किए जाने के सुबूत मिलने का दावा किया गया है। इससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है।

बता दें कि यूक्रेन शुरू से ही रूस पर अपने स्थानीय नागरिकों के साथ दुश्मन देश के सैनिकों द्वारा तरह-तरह की प्रताड़नाएं देने और बेहिसाब जुर्म ढाने का आरोप लगाता रहा है। इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए नियुक्त विशेषज्ञों के दल ने जब यूक्रेन में जाकर पड़ताल की तो सच्चाई जानकर जांचकर्ताओं के पैरों तले जमीन धसक गई। शुक्रवार को जांच दल ने कहा कि उसकी शुरुआती पड़ताल में देश में युद्ध अपराध होने के गंभीर सबूत मिले हैं।

लोगों को निर्वस्त्र करके की घिनौनी हरकत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त जांच आयोग के विशेषज्ञों ने अपनी पड़ताल में अभी तक चार क्षेत्रों- कीव, चेर्निहीव, खार्कीव और सुमी पर ध्यान केंद्रित किया है। रूस के यूक्रेन पर हमले शुरू करने के करीब सात महीने बाद विशेषज्ञों ने अपने अध्ययन में पूर्व में हिरासत में लिये गये लोगों से बातचीत का हवाला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार रूस के निरुद्ध केंद्रों में लोगों के साथ मारपीट हुई, बिजली के झटके दिये गये और जबरन उन्हें भी निर्वस्त्र किया गया। साथ ही और कई तरह की प्रताड़नाएं दी गईं।

चार साल के बच्चों से लेकर 82 साल के बुजुर्गों तक के साथ यौन अपराध
मूज के अनुसार स्थानीय लोगों के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। हद तो तब हो गई जब रूस के जवानों द्वारा चार वर्ष के बच्चों से लेकर 82 साल के लोगों के साथ यौन या लैंगिक अपराध किया गया। इससे अधिक शर्मनाक क्या हो सकता है कि बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा गया। जांच दल ने कहा है कि हालांकि इन जवानों की संख्या स्पष्ट नहीं है। मगर इतना पता चला है कि यौन और लैंगिग अपराध किए गए हैं।

नृशंस हत्याओं के भी आरोप
आयोग के अध्यक्ष एरिक मूज ने कहा, ‘‘हमने जिन क्षेत्रों का दौरा किया वहां बड़ी संख्या में लोगों को मारे जाने का पता भी चला। आयोग इस समय 16 शहरों और बस्तियों में इस तरह की हत्याओं के मामलों की जांच कर रहा है।’’ मूज ने कहा कि उनके दल को हत्याओं के और भी कई मामलों के प्रामाणिक आरोपों की जानकारी मिली है और उन्हें दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने 27 शहरों और बस्तियों तथा कब्रिस्तानों एवं प्रताड़ना केंद्रों का दौरा किया। 150 से अधिक पीड़ितों और गवाहों से बातचीत की। साथ ही सामाजिक समूहों तथा सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। मूज ने कहा, ‘‘आयोग द्वारा संकलित सबूतों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया है कि यूक्रेन में युद्ध अपराध हुए हैं।’’ उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध में किस पक्ष ने कथित अपराध किये हैं। मूज ने कहा कि टीम ने यूक्रेनी बलों द्वारा रूस के जवानों के खिलाफ बदसलूकी की दो घटनाओं का भी अध्ययन किया।

 

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