कराची: पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू के अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन से सरकार विरोधी गठबंधन बनाने पर चर्चा की। मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। नेशन डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को यहां बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी द्वारा सरकार से की गई चार मांगों के बारे में भी बात की।
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शुजात हुसैन ने देश के लिए सरकार विरोधी गठबंधन पर बल देते हुए कहा, ‘हम लोकतंत्र का अपहरण नहीं होने देंगे।’ शुजात हुसैन ने राष्ट्रीय हित के लिए सभी विपक्षी दलों से एकसूत्री एजेंडे पर एकजुट होने की अपील की। पीपीपी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इसने हमेशा लोकतंत्र के लिए कुर्बानियां दी हैं और इसकी सुलह नीति को पूरी दुनिया ने सराहा है। जरदारी ने कहा, ‘हमारी सुलह लोकतंत्र के साथ है, पीएमएल-एन के साथ नहीं।’
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि अब पंजाब प्रांत पर पकड़ मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। जरदारी ने रविवार को मजार-ए-कायद (जिन्ना समाधि) जाने पर पत्रकारों को बताया कि वह 27 दिसम्बर को अपनी भविष्य के रणनीतियों का खुलासा करेंगे और अच्छी खबरें देंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही समय पूर्व चुनाव कराने की स्थितियां बन जाएंगी और इस बार लाहौर राजनीति का केंद्र होगा।
जरदारी ने अनवर मजीद के साथ अपने संबंधों की पुष्टि की। रविवार को अनवर मजीद के घर से छापे के दौरान भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे, जिसकी जांच कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जा रही है। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘हां, मेरे अनवर मजीद के साथ संबंध हैं। अब उनके साथ क्या हुआ है और क्यों हुआ है, इस बारे में गृहमंत्री से पूछिए।’ मजीद की कंपनी ओमनी ग्रुप पर भी शुक्रवार को छापा मारा गया था।