क्वेटा: बलूचिस्तान में नवाज शरीफ के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। क्वेटा में लोगों ने पाकिस्तान सरकार और चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और साथ ही बीच सड़क राहिल शरीफ का पुतला फूंका। नवाज शरीफ की फोटो को भी जलाया गया। इस बड़े प्रदर्शन में बच्चों से लेकर महिलाएं तक शामिल दिखे। सबकी यही मांग थी कि बलूचिस्तान में चीन की दखल बंद हो, और बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर दिया जाए।
गुस्साए लोगों ने बीच सड़क पर पाक आर्मी चीफ का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने बगल में ही चीन का पुतला भी फूंका। चीन और पाकिस्तान के झंडे भी सेकंडों में स्वाहा कर दिए गए, पुतला जलाने से जब जी नहीं भरा तो प्रदर्शनकारियों ने राहिल शरीफ और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की फोटो भी जलाकर राख कर दी। इस बीच फिज़ाओं में नो टू सीपैक और बलूच वांट फ्रीडम के नारे भी गूंजते सुनाई दिए। इस मार्च में एक दो पुरुषों को छोड़कर बाकी महिलाएं शामिल हैं, और इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए बलूचिस्तान के नन्हें मासूम बच्चे महिलाओं का साथ दे रहे हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान और चीन से आजादी चाहता है क्योंकि यह दोनों ही देश बलूचिस्तान पर जुल्म कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन कर रहे ये लोग फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट के सदस्य हैं, या यूं कहें कि बलूच के वो आम लोग हैं, जो खुली हवा में सांस लेना चाहते हैं। लेकिन पाकिस्तान बलूचिस्तान में चीन के इकनॉमिक कॉरीडोर के लिए इनकी चाहतों को फौजी बूटों तले रौंद रहा है। चीन पाकिस्तान में 46 अरब डॉलर की लागत से इकोनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है। इसे बनाने में चीन के वर्कर्स लगे हैं। ये कॉरीडोर चीन से पीओके होते हुए बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह तक पहुंचेगा।
पाकिस्तान ने बलूचों से कहा है कि इस कॉरिडोर के बनने के बाद यहां के लोगों का विकास होगा, और साथ ही हर घर की तरक्की होगी। लेकिन ये सच नहीं है। बलूचों का संगीन आरोप है कि इस कॉरीडोर की आड़ में चीन और पाकिस्तान बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रहे हैं, और जो इस लूट खसोट के खिलाफ आवाज़ उठा रहा है उसकी आवाज़ हमेशा के लिए बंद की जा रही है।