बीजिंग: चीन ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने को रोकने के लिये अपनी दूसरी तकनीकी अड़चन का बचाव करते हुए कहा कि भारत के आवेदन पर अलग-अलग राय थी और बीजिंग का कदम प्रासंगिक पक्षों को विचार-विमर्श करने का और समय देगा।
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भारत की आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की समिति संख्या 1267 को सदस्य देशों द्वारा सौंपे गये आवेदन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों की विशेष जरूरतों का अवश्य अनुपालन करना चाहिए। भारत ने कहा था कि अजहर पर प्रतिबंध के प्रयासों की राह में चीन की दूसरी तकनीकी अडचन खतरनाक संदेश भेजेगा।
चीन 15 सदस्यीय यूएनएससी का एकमात्र सदस्य है जिसने अजहर पर प्रतिबंध का विरोध किया है। उसका दावा है कि अजहर के खिलाफ भारत के आवेदन पर अलग-अलग राय है।
अजहर के खिलाफ प्रतिबंध का विरोध करने के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय ने हालांकि कहा, "चीन सभी स्वरूपों में आतंकवाद से लड़ने, आतंकवाद के खिलाफ मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद निरोध में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय और समन्वयकारी भूमिका का समर्थन करता है।"