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चीन ने शिनजियांग के लिए नए गर्वनर की नियुक्ति की, मानवाधिकार हनन के हैं आरोप

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 01, 2021 05:31 pm IST,  Updated : Oct 01, 2021 05:31 pm IST

तुनियाज ने अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की है और वह शिनजियांग में कई पदों पर काम कर चुके हैं।

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चीन ने शिनजियांग के लिए नए गर्वनर के तौर पर एरकिन तुनियाज की नियुक्ति की है।  Image Source : AP

बीजिंग: चीन ने शिनजियांग के लिए नए गवर्नर की नियुक्ति की है, लेकिन उसके इस कदम की आलोचना हो रही है। दरअसल, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी पर उईगुरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को शिनजियांग में हिरासत में लेने और प्रताड़ित करने के आरोप हैं। पूर्व वाइस गर्वनर एरकिन तुनियाज ने उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में चीनी नीतियों का जोरदार तरीके से बचाव किया लेकिन इन केंद्रों को चलाने के लिए उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। चीन का कहना है कि इन केंद्रों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम का संचालन होता है और लोगों को कट्टरवाद के रास्ते से हटने के लिए प्रेरित किया जाता है।

‘तुनियाज ने की है अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई’

बता दें कि चीन की इस व्यवस्था के आलोचक कथित सुविधा केंद्रों को हिरासत केंद्र कहते हैं। उईगुर समुदाय के तुनियाज (59) ने अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की है और वह शिनजियांग में कई पदों पर काम कर चुके हैं। गुरुवार की देर रात तुनियाज की नियुक्ति की घोषणा की गई। क्षेत्र के प्रभावशाली अधिकारी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव चेन क्वांगुओ हैं जिनकी निगरानी में हिरासत केंद्र बनाए गए और अल्पसंख्यकों की निगरानी की व्यवस्था तैयार की गई।

उइगुरों की खराब हालत पर आ चुकी हैं कई रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र में फरवरी में डिजिटल तरीके से संबोधन में शिनजियांग के नए गवर्नर तुनियाज ने कहा था, ‘इन केंद्रों के सभी प्रशिक्षुओं ने अक्टूबर 2019 में स्नातक किया था, हैं और अब टिकाऊ नौकरी कर रहे हैं और सामान्य जिंदगी जी रहे हैं।’ पर्यवेक्षकों का कहना है कि इन केंद्रों को अब स्थायी केंद्रों की तरह बदल दिया गया है जबकि यहां रह चुके लोगों का कहना है कि उन्हें गंभीर हालात का सामना करना पड़ा और उन्हें अपने पारंपरिक संस्कृति और धर्म का पालन करने की आजादी भी नहीं प्रदान की गई। यहां तक की उइगुरों की जबर्दस्ती नसबंदी और गर्भपात करने की खबरों ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

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