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कोविड-19 को रोकने के लिए ‘ट्रैवल बैन’ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं: चीन

हुआ चुनयिंग ने कहा कि हालात के मुताबिक चीन अपने नागरिकों और विदेशी यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य के मद्देनजर कोई कदम उठा रहा है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: September 28, 2021 23:38 IST
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Image Source : BS.CHINA-EMBASSY.ORG चीन ने कहा कि उसके पास कोविड-19 को रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंध जैसे उपाय के अलावा ‘कोई विकल्प नहीं’ है।

बीजिंग: चीन ने मंगलवार को कहा कि उसके पास कोविड-19 को रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंध जैसे उपाय के अलावा ‘कोई विकल्प नहीं’ है। चीन ने नई दिल्ली में चीनी दूतावास के सामने भारतीय छात्रों के प्रदर्शन पर यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। ये छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए चीन वापस लौटना चाहते हैं। चीन का यह जवाब ऐसे वक्त आया है, जब नई दिल्ली से ऐसी कुछ खबरें आयी हैं कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने सोमवार को चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन कर बीजिंग से उन्हें अध्ययन के लिए देश लौटने की अनुमति देने की मांग की।

‘प्रतिबंध लगाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं’

दिल्ली में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन के बारे में प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘दुनिया के कई हिस्से में कोरोना वायरस संक्रमण अभी भी तेजी से फैल रहा है। इसलिए इस परिप्रेक्ष्य में चीन सरकार के पास यात्रा प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’ उन्होंने कहा कि हालात के मुताबिक चीन अपने नागरिकों और विदेशी यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य के मद्देनजर कोई कदम उठा रहा है। चुनयिंग ने कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि चीन में रोकथाम और नियंत्रण उपायों को देश के नागरिकों सहित सभी आने वाले यात्रियों पर लागू किया जाता है।’

हजारों भारतीय छात्र नहीं जा पाए हैं चीन
पिछले हफ्ते, चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने चीन के लंबे समय तक कड़े यात्रा प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा था, ‘हम भारतीय छात्रों, व्यापारियों, समुद्री चालक दल और निर्यातकों द्वारा वर्तमान में सामना की जा रही कई समस्याओं के संबंध में अवैज्ञानिक दृष्टिकोण को देखकर निराश हैं।’ चीन के कॉलेजों में पढ़ने वाले 23,000 से अधिक भारतीय छात्रों के अलावा सैकड़ों व्यवसायी, कर्मचारी और उनके परिवार पिछले साल से भारत से चीन नहीं जा पाए हैं। पाबंदियों के परिणामस्वरूप कई लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी और कुछ लोग अपने परिवार से भी दूर हो गए।

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