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‘चीन, आसियान खुद कर सकते हैं साउथ चाइना सी की हिफाज़त’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 29, 2016 05:49 pm IST,  Updated : Apr 29, 2016 05:49 pm IST

सिंगापुर: चीन के उप विदेश मंत्री लियू झेनमिन ने कहा है कि चीन व आसियान देशों के पास दक्षिण चीन सागर की शांति व स्थिरता की हिफाजत करने का दम, इच्छा व तरकीब है। लियू

South China Sea- India TV Hindi
South China Sea

सिंगापुर: चीन के उप विदेश मंत्री लियू झेनमिन ने कहा है कि चीन व आसियान देशों के पास दक्षिण चीन सागर की शांति व स्थिरता की हिफाजत करने का दम, इच्छा व तरकीब है। लियू ने यह बयान यहां गुरुवार को 22वें चीन-आसियान सीनियर ऑफिशियल कंसलटेशन के संवाददाता सम्मेलन में दिया। यह सम्मेलन चीन व 10 आसियान देशों के राजनयिकों की एक अहम सालाना बैठक है।

चीन-आसियान के मतभेदों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है उनके हित

लियू व आसियान देशों के वरिष्ठ राजनयिकों ने डिक्लेयरेशन ऑन द कंडक्ट ऑफ द पार्टीज इन द साउथ चाइना सी (डीओसी) के कार्यान्वयन, दक्षिण चीन सागर में कोड ऑफ कंडक्ट (सीओसी) पर सहयोग बढ़ाने व विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया। उप विदेश मंत्री ने कहा कि चीन व आसियान देशों के साझा हित अब तक मतभेदों पर भारी पड़े हैं, फिर चाहे ये मतभेद क्षेत्रीय सहयोग पर हों या दक्षिण चीन सागर को लेकर हों।

मतभेदों को दूर करने पर हुई बातचीत

लियू ने कहा कि दक्षिण चीन सागर के मौजूदा हालात ने बहुत ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके आसियान समकक्ष ने इस पर विचार-विमर्श किया कि मतभेदों को कैसे दूर किया जाए, समुद्री व्यावहारिक सहयोग कैसे मजबूत किया जाए और सीओसी पर विचार-विमर्श कैसे बढ़ाया जाए। दरअसल साउथ चाइना सी में पेट्रोलियम और गैस के विशाल भंडार होने की उम्मीद की जा रही है, यही वजह है कि क्षेत्र के आसपास के देशों में से कोई भी इस पर अपना अधिकार छोड़ना नहीं चाहता। चीन तो यह भी चाहता है कि अमेरिका और भारत जैसी शक्तियां इस क्षेत्र से दूर ही रहें।

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