चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारतीय घरेलू सत्र का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम के बीच में खेला जा रहा है। इस खिताबी मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर ईस्ट जोन की स्थिति काफी मजबूत थी, जिसमें उनके पहली पारी के 708 रनों के स्कोर के मुकाबले साउथ जोन की टीम ने अपनी पहली पारी में 242 रनों के स्कोर तक 6 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में अब साउथ जोन पर फॉलोऑन होने का खतरा भी मंडरा रहा है, जिसमें सभी की नजरें उनके कप्तान तिलक वर्मा पर टिकी हुई हैं जो तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर 56 रन बनाकर नाबाद खेल रहे थे। ईस्ट जोन की तरफ से अभी तक इस पारी में मुकेश कुमार और मोहम्मद शमी ने जहां 2-2 विकेट हासिल किए हैं तो वहीं मो. कौनेन कुरैशी और शिखर मोहन 1-1 विकेट हासिल कर चुके हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल मुकाबले के पहले दो दिनों का खेल जहां ईस्ट जोन के बल्लेबाजों के नाम रहा तो वहीं तीसरे दिन के खेल में उनके गेंदबाजों का कमाल देखने को मिला। साउथ जोन की तरफ से खेल रहे हाल में श्रीलंका दौरे पर शानदार फॉर्म दिखाने वाले देवदत्त पडिक्कल ने अपनी पारी की शुरुआत तो काफी अच्छी की जिसमें वह अर्धशतक भी लगाने में कामयाब रहे लेकिन 62 के निजी स्कोर पर मुकेश कुमार ने उनको पवेलियन भेजने के साथ अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। वहीं इसके अलावा नारायण जगदीशन 32 रन और शेख रशीद 27 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे। तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा 56 जबकि उनके साथ चामा मिलिंद 2 रन बनाकर खेल रहे थे। साउथ जोन की टीम को अभी भी इस मैच में फॉलोऑन टालने के लिए 266 रन और बनाने जो काफी मुश्किल काम दिख रहा है।
ईस्ट जोन की तरफ से बल्ले से दिखा कप्तान ईशान किशन का कमाल
साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया जिसको उनकी पूरी टीम ने मिलकर सही साबित किया। ईशान किशन भी फाइनल मैच में ऐतिहासिक 270 रनों की पारी खेलने में कामयाब रहे जिसके दम पर उनकी टीम 708 रनों के स्कोर तक पहुंच सकी, तो वहीं इसके अलावा कुमार कुशाग्र के बल्ले से भी शतकीय पारी देखने को मिली।