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चीन की दादागिरी, कहा साउथ चाइना सी पर UN कोर्ट का फैसला नामंजूर

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 06, 2016 08:25 pm IST,  Updated : May 06, 2016 08:25 pm IST

बीजिंग: चीन ने दक्षिणी चीन सागर पर अपनी संप्रभुता फिर जताते हुए कहा है कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र न्यायाधिकरण का चाहे जो भी परिणाम आए, उससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी संभावना

Chinese navy exercise in South China Sea- India TV Hindi
Chinese navy exercise in South China Sea

बीजिंग: चीन ने दक्षिणी चीन सागर पर अपनी संप्रभुता फिर जताते हुए कहा है कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र न्यायाधिकरण का चाहे जो भी परिणाम आए, उससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि न्यायाधिकरण का फैसला फिलीपींस के पक्ष में रहेगा। चीन के अनुसार यह मध्यस्थता एक 'राजनीतिक नाटक' है और दक्षिणी चीनी सागर पर 'चीन के दावे को नकारना है।' संयुक्त राष्ट्र अदालत का फैसला इसी माह के अंत में आ सकता है।

यूएन कोर्ट का फैसला साउथ चाइना सी पर चीनी हक को नहीं नकार सकता

चीनी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ओयांग यूजिंग ने कहा, "फैसला चाहे जो भी आए, चीन उसे कोई मान्यता नहीं देगा। ये एक राजनीतिक नाटक है।" विदेशी पत्रकारों से बातचीत में चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा व समुद्री मामलों के विभाग के महानिदेशक ओयांग ने कहा कि कोई भी फैसला दक्षिणी चीन सागर पर चीन की संप्रभुता और उसके दावे को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि इस मामले में चीन की विश्व स्तर पर आलोचना से तनाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश एक 'घुमावदार स्प्रिंग' की तरह है। उस पर जितना दबाव पड़ेगा, वह उतना ही 'पलट कर ऊपर आएगा।'

साउथ चाइना सी पर चीनी दावे का पड़ोसी देश करते हैं विरोध

दक्षिणी चीन सागर पर चीन के दावे का फिलीपींस, ब्रुनेई, वियतनाम, मलेशिया और ताइवान विरोध करते रहे हैं। इससे विश्व स्तर पर चिता बढ़ी है, अमेरिका ने भी अपना युद्धपोत इस विवादित स्थान पर भेज रखा है। ओयांग ने कहा कि हम सभी संबधित देशों के सकारात्मक विचारों और उनकी आलोचनाओं पर विचार करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "लेकिन, अगर चीन पर दबाव बनाने या उसे बदनाम करने की कोशिश की गई, तो सभी को समझ लेना चाहिए कि चीन वैसे ही अपनी पूरी ताकत के साथ जवाब देगा जैसे कि स्प्रिंग पर दबाव बढ़ने पर वह उतनी ही तेजी से पलटता है। जितना दबाव होता है, उतनी ही अधिक प्रतिक्रिया होती है।"

नौ-सैनिक अभ्यास करके पड़ोसी देशों को डराना चाहता है चीन

फिलीपींस ने इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय विवादों को निपटाने वाले संयुक्त राष्ट्र के द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण में अपील की हुई है। चीन ने इस मामले में की जा रही मध्यस्थता को अवैध बताते हुए कहा है कि फिलीपींस ने इस मामले में द्विपक्षीय वार्ता के जरिए मामले को सुलझाने के लिए चीन के साथ किए गए समझौते का उल्लंघन किया है। चीन और अमेरिका के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका ने यह कहते हुए अपने जंगी जहाज दक्षिणी चीन सागर में भेज दिए कि उसे कहीं भी जाने की पूर्ण स्वतंत्रता है। चीन भी यहां आधारभूत ढांचे का निर्माण करने के साथ-साथ नौसनिक गश्त में जुटा हुआ है।

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