पेइचिंग: चीन भी अब अमेरिका की तर्ज पर अपनी सेना को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने की योजना पर काम कर रहा है। चीनी सेना अब सोवियत शैली की भारी-भरकम सेना को हटाने वाली है और सैनिकों की जल्दी तैनाती के लिए इसने अमेरिकी शैली का सैन्य बल रखने का ऑप्शन चुना है।
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चीन अपनी सेना का पुनर्गठन करने की भी तैयारी कर रहा है जिसके तहत तीन लाख कर्मियों की छंटनी करने की योजना है। चीन की पीपुल्स रिपब्लिक आर्मी दुनिया की सबसे बड़ी सेना है। हॉन्गकॉन्ग स्थित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक नौसेना और वायुसेना के साथ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में 23 लाख कर्मी हैं।
चीनी सेना को अधिक चुस्त दुरुस्त लड़ाकू बल बनाने की कोशिश के तहत यह अपनी आर्मी कोरों को चरणबद्ध तरीके से हटाएगा। इस कदम का भारत-चीन सीमा पर सैन्य तैनाती पर भी असर पड़ेगा। पीएलए के अब अपनी 18वीं आर्मी कोर को 25 से 30 डिविजनों में तब्दील करने की योजना है। एक कोर का आकार 30,000 से एक लाख सैनिकों का होता है।
बीजिंग स्थित एक सेवानिवृत्त कर्नल ने बताया कि मौजूदा प्रणाली सोवियत संघ वाली है लेकिन यह बहुत भारी भरकम है और आधुनिक युद्ध कला के लिए अब यह उपयुक्त नहीं रह गई है। उन्होंने बताया कि यहां तक कि रूसी सेना ने भी अपने सैनिकों को कम करने की कोशिश कर अमेरिकी सेना से सीख ली है और इस तरह जमीनी सेना को अधिक चुस्त दुरूस्त और तीव्र प्रतिक्रिया वाला बनाया है।
उन्होंने बताया कि यूएस 101 एयरबॉर्न डिविजन की शैली सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है जिसका पीएलए अध्ययन करेगा। राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा सेना का आमूलचूल सुधार किए जाने की कोशिश शुरू किए जाने के तहत पीएलए ने 4 जनरल मुख्यालयों को भंग कर दिया और संयुक्त बल के मुख्यालयों सहित 15 नए संगठन स्थापित किए। साथ ही, शी ने अगले साल तक 3 लाख सैनिकों की कटौती करने का प्रस्ताव किया है।