दुशान्बे: दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। ताजिकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में मुर्गहोब से 109 किलोमीटर पश्चिम में था।
भारत के मौसम विभाग (आईएमडी) ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 मापी है। भूकंप के झटके 1:24 मिनट पर महसूस किए गए।
भूकंप के झटके पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत के उत्तर में राजधानी दिल्ली व जम्मू-कश्मीर सहित कई अन्य इलाकों में भी महसूस किए गए।
भूकंप आने पर क्या करें, क्या न करें
- भूकंप आने पर फौरन घर, स्कूल या दफ़्तर से निकलकर खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंबों आदि से दूर रहें।
- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा।
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
- अगर आप बाहर नहीं निकल पाते तो टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
- कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
- खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है।
- गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंबों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।