काठमांडो: नेपाल में पिछले साल आए शक्तिशाली भूकंप से बड़े पैमाने पर तबाही हुआ थी। लोगों के घर उजड़ गए थे, स्कूलों की बिल्डिंग गिर गई थी। भूकंप से प्रभावित बच्चों के शिक्षा व्यवस्था को फिर से पटरी पर लगाने के प्रयास के तहत यूरोपीय संघ और यूनीसेफ ने 650 अध्ययन केंद्रों का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है।
नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के बच्चे फिर से पढ़ सकेंगे
नेपाल में यूरोपीय संघ के समन्वय प्रमुख आंद्रियास रोटेगर ने मकवनपुर जिले में एक समारोह में इन केंद्रों में से एक की बुनियाद रखी। इस केंद्रों के संचालन के नेपाल के भूकंप प्रभावित बच्चे एक बार फिर से पढ़ सकेंगे।
शिक्षा का बेहतर माहौल बनेगा
रोटेगर ने कहा, इन परिवर्तनकालिक अध्ययन केंद्रों से छात्रों और स्कूली शिक्षकों के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा। इसके साथ ही ये हमें शिक्षण केंद्रों को अधिक सुरक्षित बनाने और भविष्य में आपदा से निपटने की बेहतर तैयारियों के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी बताएंगे।
40 लाख यूरो से बनेंगे ये स्टडी सेंटर
यूरोपियन यूनियन और यूनीसेफ की मदद से बन रहे इन 650 अध्ययन केंद्रों के निर्माण पर 40 लाख यूरो की लागत आनी है। नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य करने के लिए दुनिया के अनेक देशों ने मदद की है। यूरोपियन यूनियन की यह पहल भी उसी का हिस्सा है।