काबुल: अफगानिस्तान वायुसेना की पहली महिला पायलट ने अमेरिका में शरण लेने की इच्छा जाहिर की है। मीडिया को यह जानकारी शनिवार को दी गई। समाचार एजेंसी खामा प्रेस के मुताबिक, टेक्सस में 15 महीने के लंबे प्रशिक्षण के बाद कैप्टन निलोफर रहमानी ने अमेरिका में रहने की इच्छा जाहिर की है।
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रहमानी ने कहा, ‘अफगानिस्तान में अच्छे के लिए चीजें नहीं बदल रही हैं, बल्कि चीजें और भी बदतर हो रही हैं।’ रहमानी ने अपने अमेरिकी प्रशिक्षक से कहा कि वह अब भी सैनिक पायलट बने रहना चाहती हैं, लेकिन अपने देश के झंडे तले नहीं। महिला पायलट ने अमेरिका में शरण की इच्छा जाहिर करते हुए पहले ही आवेदन कर चुकी हैं, जहां वह वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद करती हैं। पिछले साल ऐसी खबरें आई थीं कि रहमानी को जान से मारने की धमकी मिल रही है।

कैप्टन निलोफर रहमानी।
लड़ाकू विमान की पहली महिला पायलट होने के कारण रहमानी अफगानिस्तान की मशहूर हस्तियों में से एक हैं। उन्हें पिछले साल वॉशिंगटन में अंतर्राष्ट्रीय साहसी महिला पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अमेरिका की प्रथम महिला ने बीते साल एक कार्यक्रम में उनके लिए कहा था, ‘रहमानी अन्य युवा महिलाओं को अपने पदचिह्नों पर चलने को प्रोत्साहित करने के लिए इतना प्रतिबद्ध हैं कि 18 साल की उम्र से फ्लाइट स्कूल खोलने का सपना देख रही हैं।’