इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह र्काक्रम शुरुआत में बलूचिस्तान के क्वेटा, लोरलाई, तुरबत और लासबेला जिलों में शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत करीब तीन लाख गरीब लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए शुरू किया ये कार्यक्रम
पाकिस्तान के उर्दू समाचार पत्र 'द एक्सप्रेस न्यूज' के अनुसार, बलूचिस्तान गवर्नर हाउस में अपने संबोधन में शरीफ ने कहा, "गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।" शरीफ ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए गरीब लोग जानलेबा बीमारियों का भी इलाज मुफ्त में करा सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं हैं जनता का मौलिक अधिकार
प्रधानमंत्री ने कहा, "करीब 76,000 परिवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे।" उन्होंने कहा, "हमें देश में राजनीतिक संस्कृति बदलनी चाहिए।" शरीफ ने कहा, "हमें देश की वर्तमान राजनीतिक संस्कृति बदलनी है, जिसमें सिर्फ धनवान और शक्तिशाली लोग ही सुविधा संपन्न हैं।" नवाज ने कहा कि देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराना कोई उपकार नहीं है। यह प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।
पिछड़े सूबों में शामिल है बलूचिस्तान
दरअसल बलूचिस्तान पाकिस्तान के सबसे ज़्यादा पिछड़े हुए सूबों में से एक है। वहां लोगों में पाकिस्तान सरकार के प्रति असंतोष है कि बलूचिस्तान में एक भी शहर का विकास लाहौर और सिंध के तर्ज पर नहीं किया गया। यही वजह है कि नवाज़ शरीफ सरकार बलूचिस्तान के लोगों के लिए लोकप्रिय योजनाओं की घोषणा कर रही है।