इस्लामाबाद: एक तरफ जहां लश्कर और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद लाहौर समेत पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में तकरीर कर कश्मीरी नौवजवानों को उकसाने में जुटा है तो हिजबुल मुजाहिदीन का आका सैयद सलाहुद्दीन उससे चार कदम आगे पाकिस्तान की संसद में पहुंचकर कश्मीर में भड़की हिंसा की आग को भड़काने में पाकिस्तानी हुकूमत से मदद मांग रहा है। हैरानी की बात ये है कि पाकिस्तान के सियासी नेता भी कश्मीर में सलाहुद्दीन के इस खूनी खेल के समर्थन में दिख रहे हैं।
पाकिस्तान की संसद में सबसे बड़ा आतंकवादी
जो शख्स पूरी दुनिया की नजर में आतंकवादी है, वो पाकिस्तान में खुलेआम संसद तक पहुंच सकता है। वो संसद के बाहर खुल कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है और उसकी हां में हां मिलाती हैं पाकिस्तान की सियासी पार्टियां। सैयद सलाहुद्दीन मंगलवार को पाकिस्तान की संसद पहुंचा था। यहीं पर उसने जमीयते उलमा ए इस्लाम के चीफ मौलाना फजलुर रहमान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सलाहुद्दीन ने कहा कि उसके आतंकी पाकिस्तान की मदद से कश्मीर में भड़की हिंसा को और तेज करेंगे।
कौन है सैयद सलाहुद्दीन ?
सैयद सलाहुद्दीन कश्मीर में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना है। उसका इस समय सबसे ज्यादा फोकस नौजवानों को आतंकी बनने के लिए उकसाने उन्हें आतंक की ट्रेनिंग देने, जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हमले करवाने, सुरक्षाबलों के हथियार और गोला बारुद छीनने पर है।
कश्मीर पर पाकिस्तानी संसद में साजिश?
अब तक भारत दुनिया के सामने कहता आया था कि कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को पाकिस्तानी हुकूमत और उसकी एजेंसियों से मदद मिलती है लेकिन अब ये तस्वीरें सबूत की तरह सामने आई हैं कि पाकिस्तान में आतंकवादियों और नेताओं का कितना गहरा गठजोड़ है।
हैरानी की बात है कि जिस आतंकी की जगह जेल की सलाखों के पीछे होनी चाहिए थी, उसी आतंकी का फजलूर रहमान ने पाकिस्तानी संसद में न सिर्फ स्वागत किया बल्कि उसे कश्मीर में भड़की हिंसा को और भड़काने में मदद की गारंटी भी दी। इतना ही नहीं मौलाना फजलूर रहमान ने सलाहुद्दीन को ये भरोसा भी दिलाया कि कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को पाकिस्तान हर मुमकिन मदद मुहैया करवाएगा। इससे एक बात तो साफ हो गयी कि पाकिस्तान के हुक्मरान भी कहीं न कहीं कश्मीर को सुलगाने की साजिश में शामिल है।