लाहौर: पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद किरपाल सिंह की मौत हो गई है। 1992 में किरपाल सिंह वाघा बॉ़र्डर को पार करके पाकिस्तान चले गए थे जिस कारण उन्हें जासूसी के मामले में जेल में बंद किया गया था। किरपाल सिंह पर आरोप लगाया गया था कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए सीरियल बम धमाकों में शामिल था। कोर्ट ने उसे जासूसी और आतंकवाद का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
एक अधिकारी का कहना है कि किरपाल सिंह का शव उसकी बैरक में मृत अवस्था में पाया गया, बाद में उसके शव को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं एक अन्य अधिकारी का कहना है कि किरपाल सिंह ने कैदियों से सीने में दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद किरपाल की मौत हो गई। हालांकि मौत किस वजह से हुई इसकी जानकारी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चलेगी। मजिस्ट्रेट ने अन्य कैदियों के भी बयान लिए हैं।
आपको बता दें कि किरपाल सिंह पंजाब के गुरदासपुर का निवासी था। लाहौर कोर्ट ने उसे छोड़ दिया था, लेकिन अज्ञात कारणों से उसकी फांसी की सजा खत्म नहीं हुई थी। किरपाल सिंह की मौत पर उनकी बहन का कहना है कि गरीबी के कारण वह किरपाल की रिहाई के लिए आवाज नहीं उठा सके। हमने 24 साल तक उसका इंतजार किया। आगे देखें VIDEO