तेहरान: पिछले 6 वर्ष से नजरबंद चल रहे ईरान के विपक्षी नेता मेहदी करोबी ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि सरकार उनके घर से खुफिया एजेंटों को हटाने की रजामंदी जता दी थी। बहरहाल, मुकदमा चलाने की उनकी मांग स्वीकार किए जाने की कोई संभावना नहीं नजर आ रही। वर्ष 2011 में नजरबंदी के बाद से उन पर कोई आरोप नहीं लगाया गया। करोबी (79) ने बुधवार सुबह खाना-पीना छोड़ दिया था, जिसके बाद उच्च रक्तचाप की समस्या के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
उनके बेटे मोहम्मद हुसैन ने सुधारवादी जमारान वेबसाइट को बताया कि करोबी ने गुरुवार स्वास्थ्य मंत्री गाजीजादेह हेशमी से मुलाकात की थी, उनसे मिले वादे उन्हें भरोसा करने लायक लगे। करोबी के परिवार से जुड़ी सहामन्यूज वेबसाइट के मुताबिक मंत्री ने उनके घर से एजेंटों को हटाने का वादा किया है। करोबी और उनके सहयोगी नेता मीर हुसैन मोसावी 2009 में हुए विवादित राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार थे जिसके बाद कई महीनों तक प्रदर्शन चले थे। इसके बाद 2011 में दोनों नेताओं को प्रदर्शनों में उनकी भूमिका के लिए नजरबंद किया गया था।
नेता की पत्नी फातिमा करोबी ने सहामन्यूज से कहा कि उनकी पहली मांग उनके घर से खुफिया एंजेटों को बाहर करना और हाल ही लगाए गए सुरक्षा कैमरों को हटाना है। उन्होंने कहा कि (1979 के इस्लामी) क्रांति के बाद और पहले नजरबंदी के किसी भी मामले में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा, ‘दूसरा, लगातार नजरबंदी के मामले में उन्हें जन सुनवाई की व्यवस्था करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि करोबी को निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है लेकिन वह चाहते हैं कि यह सार्वजनिक तौर पर हो और वह फैसले का सम्मान करेंगे।