इस्लामाबाद: मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा के संगठन जमात-उद-दावा (JUD) ने पाकिस्तान के प्रांतीय मंत्री के बुधवार को चौंकाने वाले खुलासे पर कड़ा एतराज जताया है। पंजाब के कानून मंत्री राणा सनाउल्ला ने बुधवार को बीबीसी उर्दू सेवा से एक साक्षात्कार में कहा था कि जेयूडी और जैश-ए-मुहम्मद (JEM) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई संभव नहीं है क्योंकि उनकी गतिविधियों में 'देश खुद शामिल' है।
मंत्री की इस टिप्पणी पर JUD ने गुरुवार को नाराजगी जताई। संस्था ने कहा कि पाकिस्तान का सर्वोच्च न्यायालय पहले कह चुका है कि हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जेयूडी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। सईद भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकी है। JUD के एक प्रवक्ता ने कहा, "अपने मनगढ़ंत एजेंडे के समर्थन के लिए राणा जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।"
राणा सनाउल्ला ने पंजाब विधानसभा के बाहर मीडिया से कहा कि चैनल ने उनके बयान का हवाला संदर्भ से काटकर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने कश्मीर पर सरकार की नीति के संदर्भ में यह बात कही थी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर वह आगे से टिप्पणी नहीं करेंगे। बीबीसी से साक्षात्कार में राणा ने कहा था कि JUD और JEM जैसे प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है क्योंकि 'देश खुद' इसमें शामिल है। राणा ने कहा था कि ये संगठन प्रतिबंधित हैं लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई के लिए आगे कैसे बढ़ सकता है जब देश खुद इस मामले में शामिल है।
भारत ने बार-बार पाकिस्तान से JEM प्रमुख मसूद अजहर को सौंपने को कहा है। अजहर को पठानकोट आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है। इस हमले में सात भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी। मुंबई में वर्ष 2008 में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के लिए हाफिज सईद को ही जिम्मेदार माना जाता है। उस हमले में कई विदेशी सहित 160 लोग मारे गए थे।