इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर भारत के लक्षित हमले (सर्जिकल स्ट्राइक) के जवाब में एकजुट होकर फैसला लेने के लिए सर्वदलीय नेताओं के साथ विशेष बैठक की अध्यक्षता की और भारत-पाक सीमा पर हालात के बारे में उनको जानकारी दी। विपक्षी दलों के नेताओं ने भारत के साथ तनाव की पृष्ठभूमि में सरकार के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है।
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार विपक्षी नेताओं ने एलान किया कि जब कश्मीर मुद्दे और भारतीय आक्रमण की बात आती है तो पूरा देश एकसाथ खड़ा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि कई मुद्दों पर सरकार के साथ मतभेद होने के बावजूद उनकी पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा, एकजुट पाकिस्तान भारतीय आक्रमण का मुकाबला कर सकता है। साथ मिलकर हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।
बिलावल ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का कोई सैन्य समाधान नहीं है। सीनेट में नेता प्रतिपक्ष एतजाज अहसन ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान कश्मीरी लोगों की अकांक्षाओं के अनुसार होना चाहिए। अहसन ने कहा, हम इसको लेकर सरकार के साथ हैं कि सिंध जल संधि को कोई एक देश एकतरफा रद्द नहीं कर सकता। अगर भारत इसे रद्द करता है कि हम माकूल जवाब देने के लिए सरकार के पीछे खड़े हैं।
इससे पहले विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी ने कश्मीर और नियंत्रण रेखा की हालिया स्थिति के बारे में बैठक में शामिल सदस्यों को अवगत कराया। भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री को हटाने की मांग कर रहे इमरान खान बैठक से दूर रहे लेकिन पूर्व विदेश सचिव शाह महमूद कुरैशी ने बैठक में उनके दल का प्रतिनिधित्व किया।