कोलंबो: तमिल में जल्द ही एक तमिल नेशनल फ्रंट नाम का गठबंधन बनाया जाएगा, जिसे तमिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले 10 दल आपस बनाएंगे इसे मुख्य तमिल पार्टी TNA के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बुधवार को इस संबंध में प्राथमिक चर्चा हुई। इस गठबंधन को तमिल नेशनल फ्रंट कहा जाएगा। सबसे पुरानी तमिल पार्टी तमिल यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट (TULF) के नेता वीरसिंघम आनंदसानगारी ने यह पहल की है और उसमें इस अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे नेता हैं जिन्होंने लिट्टे के अलगाववादी अभियान का विरोध किया था।
इन नेताओं में ईलम पीपुल्स डेमाक्रेटिक पार्टी (EPDP) के नेता डगलस देवानंद शामिल हैं जो 1987 में चेन्नई में हुई एक गोलीबारी को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का सामना कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि नया गठबंधन मुख्य तमिल पार्टी तमिल नेशनल एलायंस का विकल्प होगा जो फिलहाल मुख्य विपक्षी है। जिन तमिल संगठनों ने लिट्टे का विरोध किया, वे सेना द्वारा 2009 में इस संगठन को कुचल दिये जाने के बाद से अपनी छोटी मोटी भूमिका से खुश नहीं हैं।