इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा पर कोई 'समझौता' नहीं करेगा। पाकिस्तानी सेना का जनसंपर्क इकाई इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा कि रावलपिंडी में कोर कमांडरों की एक बैठक में फैसला लिया गया कि जाधव की मौत की सजा पर कोई समझौता नहीं होगा।
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ISPR ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने बैठक की अध्यक्षता की और जाधव मामले में आगे के घटनाक्रम से अवगत कराया। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल को मौत की सजा सुनाई थी। इस्लामाबाद का कहना है कि जाधव भारतीय खुफिया एजेंसी का एक जासूस है, जिसे बीते साल मार्च में बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया गया था। जाधव को जासूसी करने तथा पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोपी बनाया गया है।
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वहीं, भारत ने कहा है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया, जहां वह व्यापार करता था, साथ ही यह चेतावनी दी है कि अगर जाधव को फांसी दी गई, तो वह उसे सुनियोजित हत्या मानेगा। ISPR ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद रोधी सफल अभियानों के लिए जनरल बाजवा ने खुफिया एजेंसियों तथा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रयासों की प्रशंसा की।