1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पाक ने ISI अफसर को बचाने के लिये कुलभूषण जाधव को सुनाई मौत की सजा?

पाक ने ISI अफसर को बचाने के लिये कुलभूषण जाधव को सुनाई मौत की सजा?

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 12, 2017 09:30 am IST,  Updated : Apr 12, 2017 09:32 am IST

कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाने के ऐलान से कुछ दिन पहले पाकिस्तानी आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) मुहम्मद हबीब ज़ाहिर के गायब होने की खबर पाक मीडिया में आई थी।

Pak ISI- India TV Hindi
Pak ISI

नई दिल्ली: क्या कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तानी कार्रवाई पाकिस्तान सेना के अधिकारी के नेपाल में अपहरण से संबंधित है? यदि हां, तो यह कोई आम प्रचलन की बात नहीं है। कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाने के ऐलान से कुछ दिन पहले पाकिस्तानी आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) मुहम्मद हबीब ज़ाहिर के गायब होने की खबर पाक मीडिया में आई थी। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों की मीडिया ने दोनों घटनाओं में आपसी लिंक होने की आशंका जताई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा जोरों पर है कि क्या अपने गायब अफसर की वजह से दबाव में आए पाकिस्तान ने आनन-फानन में कुलभूषण को फांसी देने की योजना बनाई?

ये भी पढ़ें

एक शहर, जहां आलू-प्याज से भी सस्ते बिकते हैं काजू!

एक भारतीय जासूस जो बन गया था पाकिस्तानी सेना में मेजर
मुसलमान वहां मस्जिद बनाने की जिद न करें जहां राम मंदिर बनना है: कल्बे सादिक
सूरत का दिल 87 मिनट में पहुंचा मुम्बई, अब यूक्रेन में धड़केगा

भारतीय पक्ष का मानना है कि कुलभूषण जाधव को मौत की सजा देने के पीछे पाकिस्तान का मकसद ये है कि भारत भी लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा करने को मजबूर हो। वहीं, पाकिस्तानी पक्ष का मानना है कि जाधव पर पाक कार्रवाई से पहले भारत ने हबीब को गिरफ्तार कर लिया, ताकि बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके।

इंडियन एक्स्प्रेस ने अपनी एक खबर में बताया है कि हबीब पाकिस्तान की उस विशेष टीम का हिस्सा थे, जिसने मार्च 2016 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को अगवा किया था। सूत्रों का कहना है कि भारतीय खुफिया एजेंसियां लंबे समय से हबीब की ताक में थीं। जाधव की फांसी की सजा के ऐलान से चंद रोज पहले पांच अप्रैल को पाकिस्‍तान के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल मुहम्‍मद हबीब जाहिर के भारत-नेपाल बॉर्डर से लापता होने की बात सामने आई है।

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हिस्‍सा रहे हबीब जाहिर के मामले में इस्‍लामाबाद को शक है कि उनके लापता होने के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का हाथ है। हबीब जाहिर के बारे में भारतीय खुफिया एजेंसियों का शक रहा है कि भारत-नेपाल बॉर्डर से आतंकी नेटवर्क को संचालित करने में उनकी भूमिका रही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जहीर के बेटे साद ने इस्लामाबाद में अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी है। एफआईआर के अनुसार जहीर की नेपाल के लुंबिनी में किसी जावेद अंसारी ने अगवानी की थी। जहीर के बेटे ने कहा कि उसे शक है कि उसके पिता को दुश्मन के जासूसों ने पकड़ लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान में “दुश्मन” से आशय अक्सर भारत से होता है।

इससे पहले, समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए पाकिस्तान में काम कर चुके रियाज उल लश्कर ने कहा था, 'भारत ने नौसेना के पूर्व अधिकारी जाधव पर लगे जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया था। क्या जाधव को सुनाई गई मौत की सजा और पाकिस्तानी सेना के अधिकारी की नेपाल में हुई किडनैपिंग के मामले आपस में जुड़े हुए हैं? अगर ऐसा है, तो यह फैसला अदूरदर्शी दिखता है।'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत