कुआलालंपुर: मुस्लिम बहुल देश मलेशिया ने आज कहा कि वह शराब पीने की न्यूनतम आयु सीमा को अगले साल से बढ़ाकर 21 वर्ष करने वाला है, ताकि कम उम्र में शराब पीने और अन्य दिक्कतों पर नियंत्रण किया जा सके। फिलहाल देश में शराब पीने की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष है। स्वास्थ्य मंत्री एस. सुब्रमणयम ने एक बयान में कहा, नया कानून एक दिसंबर 2017 से प्रभावी होगा। नए नियमों के अनुसार उत्पादकों को शराब पीने से होने वाले नुकसानों की चेतावनी अपने उत्पाद लेबल के साथ देनी होगी।
नियमों के अनुसार, शराब या उससे बने पेय बेचने वाले व्यावसायों को भी ऐसी चेतावनी प्रदर्शित करनी होगी। मंत्री ने कहा कि ग्लोबल स्ट्रैटेजी टू रेड्यूस हार्मफुट यूज ऑफ एल्कोहल (शराब के हानिकारक उपयोग को कम करने की वैश्विक रणनीति) के तहत यह कदम उठाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है। एक अखबार ने स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से लिखा है कि सस्ते तरीके से उत्पादित कुछ प्रकार की शराब कम आय वर्ग समूह में सामाजिक दिक्कतें पैदा कर रही है। मलेशिया की 60 प्रतिशत से ज्यादा आबादी मुसलमान है और शराब पीने को गुनाह मानने वाला इस्लाम वहां का राष्ट्र धर्म है।