लाहौर: पाकिस्तान की एक अदालत ने एक सिख लड़की के माता-पिता को लाहौर में एक आश्रय गृह में उससे मिलने की इजाजत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने उस मुस्लिम युवक के इसी तरह के आग्रह को खारिज कर दिया जिसपर अपहरण के बाद इस नाबालिग से शादी करने का आरोप है। बता दें कि ननकाना साहिब के ग्रंथी की 19 वर्षीय पुत्री को गत अगस्त में लाहौर से करीब 80 किलोमीटर दूर ननकाना साहिब स्थित उसके इलाके से मोहम्मद हसन द्वारा अपहृत कर उससे कथित रूप से निकाह कर लिया था।
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लाहौर हाई कोर्ट ने मंगलवार को ननकाना साहिब निवासी जगजीत कौर के माता-पिता और उसके कथित पति मुहम्मद हसन की याचिकाओं पर अलग-अलग सुनवाई की। दोनों पक्षों ने आश्रय गृह में लड़की से मिलने की अनुमति मांगी थी। कौर के परिवार का आरोप है कि हसन ने उनकी लड़की का अपहरण कर पिछले साल सितंबर में उससे जबरन शादी की और जबरन उसका धर्म परिवर्तन करा दिया, और तभी से लड़की अदालत के आदेश पर आश्रय गृह में रह रही है।
अदालत के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि हसन की अपील खारिज कर दी गई और लड़की के माता-पिता को उससे मिलने की इजाजत दे दी गई। बता दें कि यह मामला तब सामने आया था जब लड़की के परिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में उसके परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उनके मकान पर हमला करके लड़की का अपहरण कर लिया था और उसे जबर्दस्ती इस्लाम कबूल कराकर हसन से विवाह करा दिया। इस घटना को लेकर पाकिस्तान के साथ ही भारत में भी चिंताएं उत्पन्न हो गई थीं।