इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले तैयार की गई मतदाताओं की नई सूची के मुताबिक देश में गैर-मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिला है। इस लिस्ट के मुताबिक, देश में गैर-मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 2018 में बढ़कर 36.3 लाख हो गई है और धार्मिक अल्पसंख्यक मतदाताओं में हिंदुओं की संख्या सबसे ज्यादा है जिनकी संख्या 17.7 लाख हैं। डॉन अखबार ने सरकारी कागजात के हवाले से रिपोर्ट दी है कि पिछले 5 बरस में गैर मुस्लिम मतदाताओं ने 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।
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अल्पसंख्यकों में सबसे ज्यादा हिंदू मतदाता
इसने कहा कि 2018 में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या बढ़कर 36.3 लाख हो गई है। यह 2013 के आम चुनाव में 27.7 लाख थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2013 के चुनाव के पहले हिन्दुओं मतदाताओं की संख्या करीब 14 लाख थी जो अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की तुलना में सबसे ज्यादा थी। हिन्दू मतदाताओं की संख्या अब 17.7 लाख है। रिपोर्ट कहती है कि हिन्दू मतदाता अल्पसंख्यकों में सबसे अधिक हैं। अधिकतर हिन्दू मतदाता सिंध प्रांत में रहते हैं जहां 2 जिलों में 40 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता हिन्दू हैं।
दूसरे नंबर पर हैं ईसाई वोटर्स
ईसाई गैर-मुस्लिम मतदाताओं का दूसरा सबसे बड़ा समूह है। इस समुदाय के 16.4 लाख मतदाता हैं। 10 लाख से ज्यादा ईसाई मतदाता पंजाब में हैं और इस समुदाय के 2 लाख से ज्यादा मतदाता सिंध में रहते हैं। सिख मतदाताओं की संख्या 8,852 है। सबसे ज्यादा सिख मतदाता खैबर पख्तूनख्वा में हैं। इसके बाद सिंध और पंजाब में सिख मतदाता रहते हैं। अहमदिया समुदाय के मतदाताओं की संख्या 1,67,505 है।
25 जुलाई को होंगे आम चुनाव
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) नीत मौजूदा सरकार 31 मई को अपना कार्यकाल पूरा कर रही है। इसके बाद कार्यवाहक सरकार की देखरेख में आम चुनाव होंगे। पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। पाकिस्तानी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मुहैया आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान के छह प्रांतों में 10.5 करोड़ मतदाता हैं जिनमें से 5.92 करोड़ पुरुष और 4.67 करोड़ महिलाएं हैं। हालांकि पाकिस्तान की आबादी 20 करोड़ से ज्यादा है।
इन 3 पार्टियों के बीच है मुख्य मुकाबला
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शाहीद खकान अब्बासी की अगुवाई वाली PML-N, क्रिकेटर से सियासतदान बने इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। जरदारी ने हाल ही में एक बार फिर आम चुनाव लड़ने की घोषणा करके सबको चौंका दिया था।