इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने रविवार को दावा किया कि भारत के “ शत्रुतापूर्ण रवैया ” दिखाने के चलते दो दशक पहले उसे परमाणु परीक्षण करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने 28 मई , 1998 को किए गए परमाणु परीक्षणों की 20 वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बयान जारी कर यह बात कही। इस बयान में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षणों ने परमाणु हथियार मुक्त दक्षिण एशिया की संभावनाओं को खत्म कर दिया।
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उन्होंने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा , “ परमाणु परीक्षणों और उसके पड़ोसी द्वारा प्रदर्शित किए जा रहे शत्रुतापूर्ण रवैये से अपने बचाव के लिए पाकिस्तान को वह फैसला प्रतिक्रिया स्वरूप लेना पड़ा था। दुर्भाग्य से इन गतिविधियों के चलते दक्षिण एशिया को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की संभावना पर विराम लग गया ।” गौरतलब है कि भारत ने मई , 1998 में पोकरण में पांच परमाणु परीक्षण किया था जिसके बाद पाकिस्तान ने भी परमाणु परीक्षण किए। प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु परीक्षण के बावजूद पाकिस्तान परमाणु अप्रसार और वैश्विक शांति एवं रणनीतिक स्थिरता की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।