इस्लामाबाद: पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अमेरिका और चीन ने आज नए सिरे से बैठक कर बातचीत की ताकि अफगान तालिबान के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने का रोडमैप तैयार किया जा सके और युद्ध से जर्जर देश में मौजूद 15 वर्ष पुराने उग्रवाद को समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके।
अफगानिस्तान में शांति के लिए वार्ता ही एकमात्र विकल्प
चतुषकोणिय समन्वयन समूह (क्यूसीजी) ने कहा कि अफगानिस्तान में हिंसा खत्म करने का एकमात्र विकल्प प्रत्यक्ष शांति वार्ता है। क्यूसीजी की पांचवीं बैठक के बाद जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, क्यूसीजी ने दुहराया कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होगा और राजनीतिक हल के लिए शांतिपूर्ण वार्ता ही एकमात्र विकल्प है। बयान में कहा गया है, इस संबंध में क्यूसीजी देशों ने अपने प्रभावों और शक्तियों के प्रयोग करने की पुन:पुष्टि की।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अमेरिका और चीन ने की समस्या का हल निकालने की कोशिश
वार्ता में कोई प्रगति नहीं होने की निराशा के संकेतों के रूप में अफगान सरकार ने हाल ही में तालिबान से जुड़े छह उग्रवादियों को फांसी की सजा दी थी। उसी पृष्ठभूमि में इस बैठक का आयोजन हुआ है। साथ ही काबुल में हिंसा बहुत तेजी से बढ़ी है। समूह ने कहा कि क्यूसीजी की अगली बैठक परस्पर तय कार्यक्रम के अनुरूप होगी। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अमेरिका और चीन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सब मिलकर अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।