पाकिस्तान में सोमवार को ऑल पार्टी मीटिंग में जमकर ड्रामा हुआ। प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के भाई पंजाब के सीएम शाहबाज़ शरीफ़ और आईएसआई चीफ जनरल रिज़वान अख़्तर के बीच जमकर तूतू-मैंमैं हुई। शाहबाज ने कहा कि हम जब भी आतंकवादी नेताओं को पकडते हैं, उन्हें आईएसआई छुडाकर ले जाती है। इसपर रिज़वान ने कहा, आप लोग बताएं क्या करें। अन्त में नवाज ने हस्तक्षेप किया। तय हुआ रिजवान शरीफ हर सूबे में जाएंगे वहां के सीएम और दूसरे अधिकारियों से बात करेंगे कि आतंकियों पर कैसे नकेल कसी जाए।
नवाज़ ने मीटिंग में कहा कि पूरी दुनिया में कोई भी देश पाकिस्तान की बात नहीं सुन रहा। यहां तक कि चीन ने भी कहा है कि अज़हर मसूद के बारे में वो एक हद तक ही रुकावट डाल सकता है, उसके आगे नहीं। नवाज़ ने साफ कहा कि मुम्बई अटैक्स और पठानकोट अटैक की जांच को उसके सही अन्जाम तक पहुंचाया जाय।
पाकिस्तान पर विश्व में अलग थलग पड़ जाने का ख़तरा
विदेश सचिव ऐजाज़ चौधरी ने प्रधानमंत्री कार्यालय में अलग से प्रेजेंटेशन दिया। इस बैठक में सिविल और सैन्य अधिकारी मौजूद थे। चौधरी के प्रेज़ेंटेशन का लुब्ब-ए-लुआब ये था कि तमाम राजनयिक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान पर विश्व में अलग थलग पड़ जाने का ख़तरा मंडरा रहा है और पाकिस्तान की कोई देश सुन भी नही रहा।
अमेरिका नाराज़ क्योंकि हक़्क़ानी नेटवर्क के ख़िलाफ़ कार्रवाई नही
उन्होंने कहा कि अमेरिका से संबंध ख़राब होते जा रहे हैं जो आगे और ख़राब हो जाएंगे क्योंकि हम हक़्क़ानी नेटवर्क के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की अमेरिकी मांग पर कुछ नहीं कर रहे। भारत के बारे में चौधरी ने कहा कि पठानकोट हमले की जांच पूरी करना और जैश-ए-मुहम्मद के ख़िलाफ़ कार्रवाई प्रमुख मांगे हैं। चौधरी ने कहा कि चीन ने जहां पाकिस्तान के प्रति अपना समर्थन दोहराया है वहीं ये भी कहा है कि वह अज़हर मसूद के बारे में वो एक हद तक ही रुकावट डाल सकता है, उसके आगे नहीं।
मसूद अज़हर, हफ़ीज़ सईद पर कार्रवाई हो
विदेश सचिव के इस दो टूक बयान से ISI के डीजी रिज़वान और कई सिविल अधिकारियों के बीच तूतू-मैंमैं शुरु हो गई। रिज़वान ने पूछा पाकिस्तान को अलग-थलग होने से बचाने के लिए क्या किया जाना चाहिये। इस पर चौधरी ने दो टूक जवाब दिया: मसूद अज़हर, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख हफ़ीज़ सईद, लश्कर-ए-तैयबा और हक़्कानी नेटवर्क के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग पूरी करो।
इस पर जनरल रिज़वान अख़्तर ने कहा कि ठीक है सरकार उन सभी को गिरफ़्तार करे जिन्हें उसे लगता है, गिरफ़्तार किया जाना चाहिये। यहां ये स्पष्ट नही हो सका कि रिज़वान किसी व्यक्ति विशेष की बात कर रहे थे या फिर प्रतिबंधित गुटों के सदस्यों की।
IS की आतंकियों से मिलीभगत!
बहस के इस पाइंट पर पांजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने जो कुछ कहा उससे कमरे में सन्नाटा छा गया। जूनियर शरीफ़ ने कहा कि जब भी किसी ग्रुप के खिलाफ़ कार्रवाई की गई है, सुरक्षा एजेंसी ने फ़ौरन उन्हें छुड़ा लिया। माहौल इतना गरमा गया कि प्रधानमंत्री शरीफ को बीच में आना पड़ा। शरीफ़ ने जनरल अख़्तर से मुख़ातिब होते हुए कहा कि जो नीतियां चलती रही हैं वो सरकार की नीतियां रही हैं और ये सरकार की संयु्त जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आप (जनरल अख़्तर) पर मिलीभगत का आरोप नही लगाया जा रहा है।
सोमवार की इस कहासुनी के चश्मदीद लोगों का मानना है कि विदेश सचिव का प्रेज़ेंटेशन देना और मुख्य मंत्री शाहबाज़ शरीफ़ का हस्तक्षेप करना, सब नवाज़ शरीफ़ के कहने पर हुआ है ताकि सेना झकजोरा जा सके।
बहरहाल, बैठक से दो बातें सामने निकल कर आई हैं।
एक- पुलिस अगर किसी आतंकी को गिर्फ़्तार करती है तो खुफ़िया ऐजेंसी इसमें दख़ल नहीं देगी।
दो- प्रधानमंत्री के आदेश पर पठानकोट की जांच का काम पूरा किया जाएगा और मुंबई हमले से संबंधित रुके हुए मामलों की सुनवाई रावलपिंडी के आतंकविरोधी कोर्ट में फिर से शुरु होगी।
ये ख़बर पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन से ली गई है