कराची: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर पाकिस्तान की तरक्की में रूकावट डालने का आरोप लगाया और उनकी तुलना आतंकवादियों से कर दी। पनामा पेपर्स लीक मामले को लेकर विपक्षी दल इन दिनों शरीफ पर इस्तीफे का दबाव बनाए हुए हैं।
शरीफ ने कहा, आंदोलनकारी सोचें कि आतंकवादी क्या करते हैं
शरीफ ने सुक्कूर में 393 किलोमीटर लंबे सुक्कूर-मुल्तान राजमार्ग का उद्घाटन करते हुए कहा, आतंकवादी और आंदोलनकारी पाकिस्तान में तरक्की और खुशहाली को रोकने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। उनके बीच कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा, लोगों को इसको लेकर दो बार सोचना चाहिए कि वो किस तरफ हैं..आतंकवादी क्या करते हैं? वे पाकिस्तान में तरक्की रोकना चाहते हैं।
विपक्ष के धरनों से पाकिस्तान की शांति भंग होने का बात कही
विपक्ष की ओर से दिए जा रहे धरनों का हवाला देते हुए शरीफ ने सवाल किया, आंदोलन कर रहे लोगों का क्या एजेंडा है? क्या वे पाकिस्तान में तरक्की को रोकने की कोशिश में नहीं है? क्या वे शांति भंग नहीं करना चाहते हैं? उनके और आतंकवादियों के बीच क्या फर्क है?
इमरान खान की पार्टी विरोध न करती, तो चीनी मदद बहुत पहले आ जाती
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर धरने की राजनीति नहीं हुई होती तो देश तरक्की में पीछे नहीं छूटा होता। शरीफ ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ इस्लामाबाद में धरना नहीं देती तो चीन से मदद बहुत पहले आ जाती।