कोबे (जापान): पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान यात्रा के तीसरे दिन कोबे में शनिवार को भारतीय समुदाय से मुलाकात की। इस मौके पर पीएम मोदी ने भारत में 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले पर लोगों के समर्थन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'मैं लोगों की पहल को नमन करता हूं, तकलीफों के बावजूद फैसले को स्वीकारा है। देश के गरीबों ने अमीरी दिखाई है, अमीरों की गरीबी तो बहुत बार देखी है।'
पीएम मोदी ने सरकार के इस कदम को देश का सबसे बड़ा 'स्वच्छता अभियान' करार देते हुए कहा, 'हम आजादी के बाद से अब तक के सारे रिकॉर्ड जांचेंगे, अगर मुझे बिना हिसाब-किताब की कोई नकदी मिलती है, तो किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।' उन्होंने साथ ही बताया कि ये रातोंरात लिया गया फैसला नहीं है, पहले हम एक योजना लाए। ऐसा नहीं है कि किसी को मौका नहीं दिया गया।
वहीं कई जगह में गंगा नदी में काला धन बहाने की खबरों को पर भी पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, पहले गंगा में कोई एक रुपया भी नहीं डालता था, अब 500 और 1000 के नोट भी बह रहे हैं। बेईमानों को लगने लगा है कि बैंक में जाने से अच्छा गंगाजी में जाना है, पैसे मिले ना मिले पुण्य तो मिल जाएगा।
पीएम मोदी ने सुबह जापान के पीएम शिंजो अबे के साथ बुलेट ट्रेन में सफर किया। दोनों बुलेट ट्रेन से कोबे पहुंचे शहर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में जापानी नागरिक उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार करते दिखे।