सितंबर में पाकिस्तान सेना ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के दस सदस्यों को मलाला की हत्या करने की कोशिश के आरोप में गिरफ़्तार किया।
अप्रैल में पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि सभी दस लोगों को मलाला की हत्या की साज़िश करने और उसे अंजाम देने के आरोपों का दोषी पाया गया है और उन्हें 25 साल की सज़ा दी गई है।
लेकिन ये एक बहुत बड़ा झूठ था। सज़ा दस नहीं सिर्फ़ दो लोग काट रहे हैं। सच्चाई ये है कि आठ आरोपियों को बंद दरवाज़े में हुई सुनवाई के बाद गुपचुप रिहा कर दिया गया।