इस्लामाबाद: पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के इस विदेश इस मूल्यांकन को ख़ारिज कर दिया कि तालिबान और हक्कानी ग्रुप पाकिस्तान से खुलेआम ऑपरेट कर रहे हैं। उल्टे पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने का आरोप लगाया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया ने कहा, “ये वाक्पटुता के अलावा और कुछ नही है। अफ़ग़ानिस्तान में अस्थिरता की वजह से सबसे ज़्यादा आतंकी संगठन हैं।”
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार: “ तालिबान और हक़्क़ानी सहित अफगान-उन्मुख आतंकवादी गुट पाकिस्तान से खुलेआम ऑपरेट कर रहे हैं। अमेरिका का इस मामले में साप कहना है कि पाकिस्तान को सुरक्षा का माहौल बेहतर बनाने के लिए उपाय करने चाहिये और आतंकी ठिकानों को पनाह नही देनी चाहिये।”
ज़कारिया ने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने कबायली इलाकों में आतंकवाद खत्म किया है और अब वहां शांति है लेकिन ये भी माना कि ऑपरेशन की वजह से कई आतंकवादी अफ़ग़ानिस्तान बाग गए हैं।
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क, अल कायदा और अन्य आतंकी गुटों के सीनियर कमाडर मारे गए हैं और इससे साफ़ ज़ाहिर है इन गुटों का नेतृत्व कहां स्थित है।
दिलचस्प बात ये है कि विदेस मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसी हफ्ते कहा था कि हक़्क़ानी और तालिबान से अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा ख़त्म करने को कहा गया है। प्रवक्ता इस बयान पर तो टिप्पणी करने से कतरा गए और कहा कि हम अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों के प्रति कटिबद्ध हैं।
आपको बता दें कि विदेश सचिव एजाज़ चौधरी ने एक टीवी इंटरव्यूह में कहा था कि कुछ हक्कानी नेटवर्क और तालिबान उग्रवादी पाकिस्तान में हैं लेकिन उनसे अफ़ग़ानिस्तान में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है।