अंकारा: तुर्की में राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनमत संग्रह के लिए रविवार को मतदान शुरू हो गया। इससे यह तय होगा कि राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को नई शक्तियां मिलेंगी या नहीं। मीडिया ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एर्दोगन कार्यकारी राष्ट्रपति पद के साथ संसदीय प्रणाली में बदलाव करना चाहते है।
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एर्दोगन के पक्ष में अगर जनता अपना मत देती है तो वह 2029 तक सत्तारूढ़ रहेंगे और कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति, आदेश जारी करना, वरिष्ठ न्यायाधीशों का चुनाव करना और संसद को भंग करने जैसे अधिकार उन्हें मिल जाएंगे। तुर्की के राजनेताओं ने शनिवार को अपनी अंतिम अपील में मतदाताओं को मतदान करने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया था। यह लगभग एक सदी पहले गणतंत्र बनने के बाद संविधान संशोधन का सबसे बड़ा महत्वपूर्ण चरण है।
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खबरों के मुताबिक, तुर्की के लगभग 5.5 करोड़ मतदाता अपना मत डालने के योग्य हैं। जनमत संग्रह में 12 लाख युवा मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है, जो पहली बार मतदान करेंगे। निर्वाचन परिषद ने घोषणा की है कि मतदाताओं के मत डालने के लिए 167,140 मतदान पेटियाों की व्यवस्था की गई है। जेलों में भी 461 मतदान पेटियों की व्यवस्था की गई है। विदेशों में रहने वाले तुर्की के नागरिकों के लिए मतदान प्रक्रिया 9 अप्रैल को समाप्त होगी।

राष्ट्रपति एर्दोगन। (AP Photo)
57 देशों में 120 विदेशी मिशनों पर 10 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया। विदेशों में रहने वाले तुर्की के जो नागरिक दो हफ्ते तक होने वाले मतदान में अपना मत नहीं दे सकें, उनके लिए 31 कस्टम गेटों पर 120 मतपेटियां होंगी, जहां वे रविवार शाम 5 बजे तक अपना मत दे सकेंगे। जनमत संग्रह के लिए प्रचार अभियान पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुआ था।