1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. समंदर में आने वाली है एक बड़ी तबाही, UN ने दी चेतावनी, फटने वाला है टैंकर, भरा है 10 लाख बैरल ऑइल

समंदर में आने वाली है एक बड़ी तबाही, UN ने दी चेतावनी, फटने वाला है टैंकर, भरा है 10 लाख बैरल ऑइल

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Mar 26, 2023 04:39 pm IST,  Updated : Mar 26, 2023 11:56 pm IST

संयुक्त राष्ट्र में यमन के अधिकारी डेविड ग्रेसली ने कहा कि ‘हम नहीं चाहते कि लाल सागर काला सागर में बदल जाए‘ यही होगा।‘ यह एक पुराना जहाज है, 1976 का एक सुपर टैंकर। यह न सिर्फ पुराना है बल्कि छोड़ा हुआ भी है और किसी भी समय फट सकता है, डूब सकता है।

समंदर में आने वाली है एक बड़ी तबाही, यूएन ने दी चेतावनी, फटने वाला है टैंकर, भरा है 10 लाख बैरल ऑइल- India TV Hindi
समंदर में आने वाली है एक बड़ी तबाही, यूएन ने दी चेतावनी, फटने वाला है टैंकर, भरा है 10 लाख बैरल ऑइल Image Source : FILE

Oil Tanker in Red Sea: समंदर में एक बड़ी तबाही आने वाली है। इस खतरे के अंदेशों के लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी आगाह कर दिया है। यह तबाही तेल से भरे टैंकर के फटने से आ सकती है। जानकारी के अनुसार यमन के एक टैंकर को करीब 8 साल पहले समुद्र में छोड़ दिया गया था। इस टैंकर में 10 लाख बैरल से ज्यादा मात्रा में तेल भरा हुआ है। यह टैंकर अब किसी भी समय डूबने या फटने वाला है। इससे बड़े पैमाने पर मानवीय और पर्यावरणीय तबाही आ सकती है। यह खौफनाक चेतावनी संयुक्त राष्ट्र के एक सुरक्षा अधिकारी ने दी है। इस अधिकारी का कहना है कि एफएसओ सेफर टैंक को 2015 में व्यावहारिक रूप से छोड़ दिया गया था, क्योंकि देश में गृहयुद्ध शुरू हो गया था। इतने साल बाद अब यह जहाज टूट रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में यमन के अधिकारी डेविड ग्रेसली ने कहा कि ‘हम नहीं चाहते कि लाल सागर काला सागर में बदल जाए‘ यही होगा।‘ यह एक पुराना जहाज है, 1976 का एक सुपर टैंकर। यह न सिर्फ पुराना है बल्कि छोड़ा हुआ भी है और किसी भी समय फट सकता है, डूब सकता है। इस बारे में ग्रेसली ने कहा, ‘जहाज के पूर्व कप्तान सहित इससे परिचित लोगों के अनुसार यह तय है।‘ उन्होंने कहा कि 10 लाख बैरल तेल आखिरकार लाल सागर में मिल जाएगा। इसके लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। 

सऊदी अरब तक पहुंच जाएगा तेल

साइंस मैग्जीन नेचर सस्टेनेबिलिटी की हालिया मॉडलिंग से संकेत मिलता है कि जिबूती इरिट्रिया और सऊदी अरब तक जाने के लिए तेल को दो से तीन हफ्ते का समय लगेगा। इससे खाद्य सहायता अचानक बंद हो जाएगी जिस पर यमन के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंद होने के कारण करीब 60 लाख लोग निर्भर हैं। यह ईंधन आयात को भी प्रभावित करेगा।

पर्यावरण को होगा भारी नुकसान

टैंकर के फटने का पर्यावरण पर बेहद गंभीर असर होगा। नेचर सस्टेनेबिलिटी के अनुसार, एक अनियंत्रित तेल रिसाव तीन हफ्ते में यमन के लाल सागर के लगभग सभी फिशिंग स्टॉक को मार सकता है। तटीय शहरों में रहने वाले लाखों लोगों को परेशान कर सकता है जो अपने भोजन और निर्वाह के साधनों के लिए समुद्र पर निर्भर हैं। 10 लाख बैरल से भरा यह टैंकर अगर समुद्र में टूटता है तो यह अपने आप में एक भयानक त्रासदी होगी।

Also Read:

यूक्रेन को हथियार देकर रूस को नहीं हरा सकते, पुतिन ने अमेरिका और NATO देशों पर बोला हमला

यूके में मुस्लिमों की आबादी बढ़ी, हिंदुओं पर ये बड़ा खुलासा, जानकर खुश हो जाएंगे आप

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश